एमपी धमाका
हर राज्य के विद्युत नियामक आयोग (State Electricity Regulatory Commission) में विद्युत उपभोक्ता कई तरह की शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
ये शिकायतें मुख्य रूप से बिजली कंपनी द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं से संबंधित होती हैं।
आप इन विषयों से जुड़ी शिकायत कर
सकते हैं :-
बिजली कनेक्शन :
नए कनेक्शन लेने में देरी, मौजूदा कनेक्शन को बदलने में समस्या या कनेक्शन काटने से जुड़ी शिकायतें।
बिजली बिल :
गलत या ज्यादा बिल आना, मीटर रीडिंग में गड़बड़ी, बिल का समय पर न मिलना या बिल जमा करने से जुड़ी समस्याएं।
बिजली आपूर्ति :
बिना किसी पूर्व सूचना के लंबे समय तक बिजली कटौती, कम वोल्टेज की समस्या या बिजली आपूर्ति में अस्थिरता।
सेवा की गुणवत्ता :
ट्रांसफॉर्मर या खंभों में खराबी, बिजली लाइनों के रखरखाव में लापरवाही, डीपी का खुले पड़ा होना या अन्य तकनीकी समस्याएं।
कर्मचारियों का व्यवहार :
बिजली कंपनी के कर्मचारियों द्वारा अनुचित व्यवहार या उनकी तरफ से सहयोग न मिलना।
विद्युत विनियामक आयोग को शिकायत करने से पहले, आपको सबसे पहले बिजली वितरण कंपनी के स्थानीय शिकायत निवारण केंद्र को शिकायत करना चाहिए। अगर आपकी समस्या वहां हल नहीं होती है, तो आप राज्य विद्युत नियामक आयोग को शिकायत कर सकते हैं।