मनोकामनाओं से पटी श्री दादाजी मनोकामना पूर्ण सिद्ध श्री हनुमान मंदिर की दीवार
दीन-दुखियों और कष्टों से पीड़ितों का जीवन खुशहाल बना रहे रंगई वाले हनुमान जी
मंगलवार और शनिवार को उमड़ता है श्रद्धालुओं का सैलाब
पूज्य गुरुदेव महामंडलेश्वर 1008 श्री विश्वंभर दास रामायणी महाराज की कठोर साधना से जगमगा रहा दादाजी का दरबार
विदिशा, दीपक तिवारी
भगवान श्री राम और माता जानकी जी के भी संकट दूर करने वाले, दुनिया के राजा, दीन दुखियों के रक्षक, गरीबों के मसीहा, संकट से घिरे लोगों की रक्षा करने वाले मां सीता के प्रिय पुत्र श्री हनुमान जी महाराज सदियों से संसार के सर्वाधिक लोकप्रिय देवता हैं। हिंदुस्तान में शायद ही कोई ऐसा गांव हो जहां संकट मोचन हनुमान जी महाराज का मंदिर ना हो। भगवान राम का हनुमान जी जैसा भक्त और सेवक कोई नहीं है। आज हम बात कर रहे हैं विदिशा जिले के अति प्राचीन और सिद्ध हनुमान मंदिर श्री दादाजी मनोकामना पूर्ण सिद्ध श्री हनुमान मंदिर रंगई रेलवे पुल की।
लाखों लोगों की भक्ति और आस्था का केंद्र बने इस मंदिर में नित्य दर्शन करने के लिए तो सैकड़ो लोग हाजिरी लगाते ही हैं वहीं मंगलवार और शनिवार को तो खासतौर से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है।
लोगों की मंदिर के प्रति इतनी गहरी आस्था है कि पूजा पाठ के अलावा संकट से घिरे लोग अपनी अर्जी पेन से दीवार पर लिख जाते हैं और मनोकामना पूरी होने पर दादाजी के दरबार में उनकी आस्था गहरी और प्रबल हो जाती है।
परीक्षा में पास करने से लेकर गोद भरने तक की लगी है अर्जी
रंगई हनुमान मंदिर में शनि, राहु केतु आदि ग्रहों से पीड़ित लोग अर्जी लगाने तो पहुंचते ही हैं वहीं परीक्षा में पास करने नौकरी लगवाने, दुश्मन से छुटकारा दिलाने, कर्ज दूर करने, गरीबी दूर करने, व्यापार बढ़ाने, बीमारियों से मुक्ति दिलाने, बेटा-बेटी ना होने पर गोद भरने, आधि व्याधियों को दूर करने की गुहार लगाने श्रद्धालु मत्था टेकते हैं और मनचाही मुराद पाते हैं।
समस्याओं से पीड़ित कुछ लोग मंदिर की दीवार पर भी अपनी समस्या लिखकर दादाजी से प्रार्थना करते हैं। दीवार पर एक भक्त ने लिखा- थैंक यू सो मच मेरे बजरंगबली.. इंडियन आर्मी परीक्षा पास करने के लिए। एक अन्य भक्त ने गुहार लगाई कि प्रभु मैंने किसी के भी साथ गलत नहीं किया, जाने अनजाने में कोई गलती हुई हो तो भगवान क्षमा करना।
एक श्रद्धालु ने लिखा कि बेटी के जीवन में जो भी समस्या आ रही है उसे दूर करें भगवान। विवाह के कई साल बाद भी गोद ना भरने से दुखी एक महिला ने लिखा प्रभु मेरी गोद भरदे मैं अपनी संतान को लेकर आपके दरबार में आऊंगी। हे दादाजी, मेरे भाई की शादी जल्दी करा दो एवं नौकरी लगवा दो परिवार में शांति बनी रहे।
सच्चे भाव और पवित्र मन से की गई हर मनोकामना पूरी करते हैं दादाजी हनुमान.. जय सियाराम।