प्रेम दिवस के रूप में मनाया जाने वाला उत्सव एक ऐतिहासिक महत्व भी रखता है इसका नाम संत वेलेंन के नाम पर इसका नाम रखा गया ,यह एक रोम फेस्टिवल से शुरू हुआ, इस दिन वैवाहिक पुरुष, स्त्री एक दूसरे के समक्ष अपनी प्रेम का इजहार किया करते हैं।
आज भी रोम के कई शहरों में सामूहिक विवाह का आयोजन वेलेनटाइन दिवस के रूप में किया जाता है इसलिए इसे उत्सव रूपी मनाया जाता है परंतु वैलेंटाइन डे मनाने के पीछे का ऐतिहासिक महत्व शायद ही बहुत कम लोग जानते हैं।
संत वेलेनटाइन की स्मृति के रूप में मनाया जाने वाला पर्व जिसे युवाओं ने अपने प्रेम मोहब्बत के लिए प्रचलित कर दिया, क्योंकि वैलेंटाइन डे दिवस पर एक ऐसे संत को फांसी दी गई थी, जिन्होंने समाज की कुरीतियों के खिलाफ जाकर कार्य किया। सूत्रों के अनुसार ,उन्होंने रोम के राजा " किंग क्लाउडियस " की कटु मानसिकता के खिलाफ जाकर कई सैनिकों की शादी करवाई ताकि वे जब अंत में जब घर वापस लौट कर आएं तो उनके जीवन में उनका कोई हमसफर हो।
रोम के राजा " क्लाउडियस " प्रेम विवाह के खिलाफ थे, उनका मानना था यदि सैनिकों का विवाह होने लगेगा तो सेना पर इसका प्रभाव पड़ेगा और वह कमजोर हो जाएगी, वही वैचारिक रूप से संत वैलेंटाइन प्रेम का खुलकर प्रचार प्रसार किया करते थे। संत वेलेंन के अनुसार प्रेम जीवन में महत्व रखता है आंतरिक खुशी देता है , वह वैचारिक रूप से राजा के खिलाफ थे उनके प्रेम के प्रति प्रचार प्रसार शादी को लेकर गंभीरता दिखाने के कारण ही 14 फरवरी के दिन ही संत वैलेंटाइन को फांसी की सजा सुना दी गई।यह ऐतिहासिक रहा ।
इसके बाद पांचवीं शताब्दी में रोम के " पोप गेलेयसियस " ने 14 फरवरी को सेंट वैलेंटाइन डे दिवस के नाम से घोषित कर दिया और रोम के कई बड़े शहरों में इस दिन सामूहिक विवाह के बड़े-बड़े आयोजन किए जाने लगे। इस प्रकार यह दिवस शादी करने वाले जोड़े एवं अपने प्रेम का इजहार करने वालों के लिए खास हो गया।
वर्तमान में वेलेन टाइन डे का स्वरूप ही बदल गया है, जहां एक ओर इसकी आड़ में बच्चे गलत मार्ग को चुन अपने संस्कारों को बलि चढ़ा देना संत वैलेंटाइन के अपमान के बराबर है। वही दूसरी ओर आज भारत ने इसे आत्मीयता से स्वीकार कर लिया है इस दिन पर सिर्फ प्रेम करने वाले ही नहीं बल्कि अपनी भावनाओं से समर्पित रहकर हर रिश्ते को सम्मान देते हुए यह त्यौहार मनाने जाने लगा है जैसे अक्सर लोग अपने माता-पिता भाई-बहन को भी इस दिन साथ बिताने के साथ उनसे लगाव होने का भाव स्पष्ट करते हैं गिफ्ट भी देते हैं तो यह त्यौहार सिर्फ भारत में प्रेमी प्रेमिकाओं के लिए ना होकर सबके लिए हो गया है यहां तक के लोग अपने भगवान को भी इस दिन प्रेम के उपहार देते हैं यह भक्ति ही है कि भारत में हर त्यौहार के अंदर भावनाओं को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान दिया जाता है।
आज भारत में भी वेलेन टाइन डे 14 फरवरी के दिन बहुत ही धूमधाम से मनाया जाने लगा है इसमें कई लड़के लड़कियां साथ में मिलकर मरने जीने की कसमें खाते हैं और कई लोग प्रेम का इजहार करने के लिए इस दिन को ही चुनना पसंद करते हैं। यदि कहा जाए तो वैलेंटाइन डे का मनाया जाना भारत में अब बहुत ही प्रचलित हो गया है लेकिन इसके पीछे का सत्य तो यह है कि वैलेंटाइन डे की आड़ में कई लड़के लड़कियां अपने माता-पिता से झूठ बोलकर गलत रिश्ते को प्रेम का नाम देते हैं। इन्हीं झूठे प्रेम संबंधों के कारण लव जिहाद जैसे रूप भी सामने आए हैं इसीलिए अपनी भावनाएं किसी और के सामने समर्पित करने से पहले हमें सावधानी भी बरसाना चाहिए यह त्यौहार प्रेम के लिए है छलावे के लिए नहीं।
आधुनिक भारत में यदि प्रेम की बात आती है तो व्यवसाय कैसे पीछे रह सकता है ,आज कई व्यावसायिक कंपनियां भी इस त्यौहार का साप्ताहिक प्रचार प्रसार बड़ी जोर शोर से करती है, इन मनमोहक विज्ञापनों से प्रभावित होकर लोग बेलन टाइन डे से पहले ही चॉकलेट डे, टेडी डे ,प्रपोज डे के लिए प्रमोशन एड के साथ स्पेशल उपहार भी तैयार करती है इससे व्यावसायिक रूप से बहुत फायदा होता है ,प्रेम के त्यौहार को मनाने के लिए सभी प्रकार की थीम में आज गिफ्ट के विकल्प उपलब्ध इस कारण ही व्यवसायिक कंपनियों को इससे बहुत बड़े स्तर पर मुनाफा भी होता है। वास्तविक रूप में देखा जाए तो वेलेन टाइन डे प्रेम का प्रतीक माना जाना चाहिए मनुष्य हमेशा भावनाओं को प्रथम रखता है इसीलिए यह दिवस प्रेम का प्रतीक मानकर वर्तमान में बहुत ही प्रचलित है।
आशी प्रतिभा ( स्वतंत्र लेखिका)
मध्य प्रदेश, ग्वालियर
स्वरचित