मध्यप्रदेश के राजनैतिक इतिहास में यह अनौखा दौर था जब दीपावली पर प्रदेश भर के पत्रकारों को तत्कालीन जनसंपर्क मंत्री स्वर्गीय लक्ष्मीकांत शर्मा दीपावली के उपहार पूरे सम्मान के साथ भेजा करता थे। मुझे स्मरण है उपहार में जो सामग्री शामिल की जाती थी एक सामान्य परिवार के लिये त्योहार मनाने के लिए पर्याप्त होती थी। मैं स्वर्गीय श्री शर्मा के उस अनुग्रह को पत्रकारों के सम्मान से जोड़कर देखता हूँ। इस उपहार के साथ जो भावनायें घर में पहुँचती थीं उनका अहसास पूरा परिवार करता था और कहीं न कहीं पत्रकारों को ऐसा महसूस होता था कि पत्रकार भी प्रदेश सरकार के संचालन में साझेदार है। उपहार भी ऐसे ही नहीं आते थे वाकायदा भोपाल जनसंपर्क का एक अधिकारी विदिशा पीआरओ को लेकर पत्रकारों के घर सम्मान के साथ पहुंचता था। यह परंपरा स्वर्गीय लक्ष्मीकान्त शर्मा जी के साथ ही विदा हो गई। बात उपहार की नहीं है बात पत्रकारों को उनके कर्तव्य निर्वाहन के लिये सम्मानित करने की है। और यह काम लक्ष्मीकांत जी बखूबी करते रहे बिना किसी अपेक्षा के।
अरविंद शर्मा