6 जून 2025 को सागर सांसद लता वानखेड़े द्वारा ली गई बैठक का विवरण उपलब्ध नहीं
विदिशा जिले के जंगलों में हो रहे अतिक्रमण और अन्य मुद्दों पर हुई थी बैठक में चर्चा
विदिशा, दीपक तिवारी
क्या सांसदों द्वारा ली जाने वाली समीक्षा बैठकें केवल चाय-पानी के लिए होती हैं? यह बड़ा गंभीर सवाल है क्योंकि जिला पंचायत द्वारा बैठकों का मीटिंग रजिस्टर संधारित नहीं किया जाता। फिर बैठक में लिए गए निर्णयों पर अमल किस तरह होता होगा, यह समझ से परे है।
सागर सांसद लता वानखेड़े ने 6 जून 2025 को जिला पंचायत विदिशा में निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक लेकर एक दर्जन से ज्यादा विभागों के अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए थे, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कार्यवाही का विवरण दर्ज नहीं किया गया।
समीक्षा बैठक में सागर सांसद ने वन विभाग, बिजली विभाग, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, स्वास्थ्य विभाग, मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण समेत अन्य विभागों के अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए थे। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष गीता रघुवंशी, विधायक सूर्य प्रकाश मीणा, विधायक हरि सिंह सप्रे, कलेक्टर अंशुल गुप्ता, जिला वन मंडल अधिकारी हेमंत यादव, अपर कलेक्टर अनिल कुमार डामोर समेत संबंधित विभागों के जिला प्रमुख प्रमुख रूप से मौजूद थे। डीएफओ की मौजूदगी में विदिशा जिले के जंगलों पर हो रहे अतिक्रमण पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए जन प्रतिनिधियों ने अतिक्रमण रोकने की मांग उठाई थी।
सांसद ने अधिकारियों को भ्रष्टाचार पर लगाम लगाकर खामियों को दूर करने कहा था। सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ टाइम लिमिट में पूरा करने का निर्णय इस बैठक में लिया गया था। लेकिन मीटिंग रजिस्टर में कार्रवाई विवरण ना लिखने से इस बैठक पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है।
महत्वपूर्ण दस्तावेज है मीटिंग रजिस्टर...
मीटिंग रजिस्टर एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है जिसमें किसी भी बैठक की कार्यवाही का विवरण दर्ज किया जाता है। इसमें बैठक की तिथि, समय, स्थान, उपस्थित लोगों के नाम, चर्चा के विषय, निर्णय और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी शामिल होती है।
मीटिंग रजिस्टर में बैठक की कार्यवाही का विवरण दर्ज किया जाता है, जिससे भविष्य में इसका संदर्भ लिया जा सके। मीटिंग रजिस्टर में बैठक में लिए गए निर्णयों का रिकॉर्ड रखा जाता है, जिससे उनका पालन किया जा सके। मीटिंग रजिस्टर में उपस्थित लोगों के नाम और उनके द्वारा लिए गए निर्णयों का रिकॉर्ड रखा जाता है, जिससे उनका उत्तरदायित्व निर्धारित किया जा सके। मीटिंग रजिस्टर में बैठक की कार्यवाही का विवरण दर्ज किया जाता है, जिससे बैठक की कार्यवाही पारदर्शी हो सके।
आरटीआई से हुआ खुलासा
सागर सांसद द्वारा ली गई निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक का मीटिंग रजिस्टर संधारित न किए जाने का खुलासा आरटीआई से हुआ है। एमपी धमाका ने मीटिंग रजिस्टर की जानकारी आरटीआई के तहत मांगी थी। जिसके जवाब में जिला पंचायत ने उत्तर दिया कि 6 जून 2025 की इस बैठक का कार्यवाही विवरण उपलब्ध नहीं है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिला पंचायत सांसदों के निर्देशों को लेकर कितनी गंभीर है। ऐसे में इस बैठक में लिए गए जनहित के निर्णयों पर अमल कैसे होगा, जब मीटिंग रजिस्टर ही नहीं है। कलेक्टर अंशुल गुप्ता को तत्काल संज्ञान लेकर जिला पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई करना चाहिए।