विदिशा, एमपी धमाका
सुशासन सप्ताह तहत प्रदेशव्यापी प्रशासन गांव की ओर की मूल अवधारणा और उद्धेश्यों की प्राप्ति के लिए विदिशा जिले में किए गए लोक नवाचारों की जानकारियां कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने मंगलवार को गुड गवर्नेंस अंतर्गत आयोजित कार्यशाला में सांझा की। कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार में आयोजित उक्त कार्यशाला के लिए आमंत्रित रिटायर्ड आईएएस व विदिशा के पूर्व कलेक्टर योेगेन्द्र शर्मा, अपर कलेक्टर अनिल कुमार डामोर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे समेत विभिन्न विभागो के जिलाधिकारी मौजूद रहें।
गुड गवर्नेंस अंतर्गत आयोजित कार्यशाला को रिटायर्ड आमंत्रित आईएएस श्री शर्मा ने मां सरस्वती के चित्र समक्ष दीप प्रज्जवलित कर कार्यशाला का शुभांरभ किया। कार्यशाला के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त आईएएस व विदिशा जिले के पूर्व कलेक्टर श्री शर्मा का कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों के द्वारा गुलदस्ते भेंट कर स्वागत किया गया।
अपर कलेक्टर श्री डामोर ने कार्यशाला के शुभांरभ अवसर को सम्बोधित करते हुए सुशासन प्रशासन सप्ताह के तहत जिले में हुए नवाचारो पर गहन प्रकाश डाला। उन्होंने सुशासन क्या है कैसे आ सकता है। सुशासन क्रियान्वित जिले के उदाहरणों को रेखांकित किया।
सेवानिवृत्त आईएएस श्री योगेन्द्र शर्मा ने अधिकारी, कर्मचारियों से कहा कि समय पर सेवाएं प्रदाय कर स्वयं व विभाग की ख्याति में वृद्धि करें। उन्होंने सूचना तंत्र उन्नत करने, लचीलापन व्यवहार में अपनाने, प्रसन्नचित मुद्रा को रेखांकित करते हुए कहा कि अधिकारी, कर्मचारी सरकार के चेहरा होते हैं। जिनसे आमजन मुखातिब होते हैं। यदि कोई व्यक्ति आपसे नाराज होकर जा रहा है। इसका मतलब यह है कि आप अपनी कार्यप्रणालियों में सुधार लाएं। ऐसे काम जो अधीन नहीं है उन मामलो में भी आवेदक आपके चेम्बर से विश्वासपूर्ण भावना से रवाना हो ताकि उसे यह लगे कि यह काम यहां से नहीं होना है बल्कि शासन स्तर से होना है। उन्होंने कहा कि मेरे कार्यकाल में ही जनसुनवाई कार्यक्रम शुरू हुआ था इसे लोकप्रिय बनाने के लिए किए गए प्रबंधो को उन्होंने रेखांकित किया। इस दौरान टीम वर्क की भावना के कार्यो पर उन्होंने बल दिया। श्री शर्मा ने कहा कि हरेक विभाग के अधिकारी, कर्मचारी अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन समय सीमा में पूर्ण ईमानदारी से कर हम शासन की मंशा को शत प्रतिशत ग्रामो तक उतार सकते है।
सेवानिवृत्त आईएएस श्री शर्मा ने दक्षता सुधार सुशासन में एक महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए इसके लिए किए जाने वाले उपायों अंतर्गत निरीक्षण व आकस्मिक निरीक्षण पर्यवेक्षण से कार्य प्रणाली में सुधार, गांव का भ्रमण और आवश्यकताओं का आंकलन, शिकायतों की निष्पक्ष जांच, भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस, लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर दण्डात्मक कार्यवाही, प्रशिक्षण आयेाजित करना, सतत अनुवीक्षण, आम नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता एवं व्यवहार कुशलता, न्यूनतम प्रतिक्रिया, ईमानदारी इत्यादि पर प्रकाश डाला ।
सुशासन पर आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे ने पुलिस विभाग द्वारा किए गए नवाचारो पर प्रकाश डाला गया।
कार्यशाला के अंत में एसडीएम क्षितिज शर्मा ने आगंतुक अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यशाला में प्राप्त सुझावों को अमल में लाते हुए सुशासन की निहित बिन्दुओें पर हरेक विभाग के अधिकारी, कर्मचारी खरे उतरे और विदिशा जिला प्रदेश ही नही वरन देश में सुशासन के उदाहरणो में अभिव्यक्त हो। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त कलेक्टर सुश्री निकिता तिवारी ने किया। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, जिला पंचायत के अतिरिक्त सीईओ समेत विभिन्न विभागो के अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे।
पुरस्कृत
सुशासन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हासिल करने वाले विभिन्न विभागो के अधिकारी, कर्मचारियों को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त आईएएस योगेन्द्र शर्मा ने प्रमाण पत्र प्रदाय कर पुरस्कृत किया है।