रायसेन, एमपी धमाका
रायसेन जिले की बेगमगंज जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत भूरेरू में जल गंगा अभियान के तहत खेत तालाब के निर्माण में वित्तीय अनियमितताएं बरतने पर प्रभारी जिला पंचायत सीईओ मनोज उपाध्याय द्वारा ग्राम पंचायत भूरेरू के पंचायत सचिव कमलेश विश्वकर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए मुख्यालय बेगमगंज जनपद पंचायत कार्यालय नियत किया गया है। साथ ही तत्कालीन जनपद पंचायत सीईओ सहित अन्य अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है।
इनके साथ ही बेगमगंज जनपद पंचायत की सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा लवकेश जसईवाल, तत्कालीन उपयंत्री/प्रभारी सहा.यंत्री श्रीमती जागृति उइके, उपयंत्री मनरेगा रामलाल मंडरई, सहायक लेखा अधिकारी मनरेगा सावन श्रीवास, ग्राम रोजगार सहायक दीपक अवस्थी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। संबंधितों को 19 जनवरी 2026 तक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत भुरेरू में कूट रचित दस्तावेज तैयार कर भूमि में खेत तालाब का निर्माण कराने और सम्पूर्ण राशि फर्जी बिल व्हाउचर बनाकर निकालने की शिकायत प्राप्त होने पर शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जिला स्तर से गठित जांच दल से शिकायत की जांच कराई गई। जिसके परिपालन में जिला स्तरीय जांच दल द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन अनुसार जांच दल द्वारा तालाब निर्माण कार्य की नस्ती के परीक्षण में पाया गया कि तालाब निर्माण कार्य की स्वीकृति बिना हितग्राही की जानकारी में लाए स्वीकृत किया गया। मौका निरीक्षण पर एक पुराना तालाब पाया गया जो कि हितग्राही को पूर्व में किसी अन्य विभाग की योजना से दिया गया था तथा मनरेगा योजना से स्वीकृत कोई तालाब मौके पर नहीं पाया गया। इसी प्रकार कार्य की स्वीकृत लागत राशि एक लाख 47 हजार रू के विरूद्ध ग्राम पंचायत द्वारा राशि एक लाख 10 हजार रू मजदूरी के तौर पर ग्राम पंचायत के जॉबकार्डधारियों के खाते के माध्यम से आहरित किया जाना पाया गया और मस्टर में अंकित जॉबकार्डधारियों द्वारा कोई कार्य नहीं किया जाना पाया गया। साथ ही मौके पर निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की एमबी नहीं मिली जबकि उपयंत्री द्वारा बताया गया कि अभियान के दौरान एमबी दी गई थी। संबंधितों द्वारा तत्समय ग्राम पंचायतों का भ्रमण, निर्माण कार्यो का निरीक्षण, मूल्यांकन आदि नहीं किया गया, जो कि शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही व उदासीनता का घोतक है। जिसके दृष्टिगत संबंधितों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करते हुए 19 जनवरी 2026 तक उपस्थित होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करने अथवा समाधान कारक उत्तर नहीं होने की दशा में एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत भुरेरू में कूट रचित दस्तावेज तैयार कर भूमि में खेत तालाब का निर्माण कराने और सम्पूर्ण राशि फर्जी बिल व्हाउचर बनाकर निकालने की शिकायत प्राप्त होने पर शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जिला स्तर से गठित जांच दल से शिकायत की जांच कराई गई। जिसके परिपालन में जिला स्तरीय जांच दल द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन अनुसार जांच दल द्वारा तालाब निर्माण कार्य की नस्ती के परीक्षण में पाया गया कि तालाब निर्माण कार्य की स्वीकृति बिना हितग्राही की जानकारी में लाए स्वीकृत किया गया। मौका निरीक्षण पर एक पुराना तालाब पाया गया जो कि हितग्राही को पूर्व में किसी अन्य विभाग की योजना से दिया गया था तथा मनरेगा योजना से स्वीकृत कोई तालाब मौके पर नहीं पाया गया। इसी प्रकार कार्य की स्वीकृत लागत राशि एक लाख 47 हजार रू के विरूद्ध ग्राम पंचायत द्वारा राशि एक लाख 10 हजार रू मजदूरी के तौर पर ग्राम पंचायत के जॉबकार्डधारियों के खाते के माध्यम से आहरित किया जाना पाया गया और मस्टर में अंकित जॉबकार्डधारियों द्वारा कोई कार्य नहीं किया जाना पाया गया। साथ ही मौके पर निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की एमबी नहीं मिली जबकि उपयंत्री द्वारा बताया गया कि अभियान के दौरान एमबी दी गई थी। संबंधितों द्वारा तत्समय ग्राम पंचायतों का भ्रमण, निर्माण कार्यो का निरीक्षण, मूल्यांकन आदि नहीं किया गया, जो कि शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही व उदासीनता का घोतक है। जिसके दृष्टिगत संबंधितों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करते हुए 19 जनवरी 2026 तक उपस्थित होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करने अथवा समाधान कारक उत्तर नहीं होने की दशा में एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी।