हम हिंदू हैं , है गर्व यही
आत्मा सनातन संसार की
यातनाओं की अग्नि में जले
हम भस्म लगा ,अभिमान की ।
अस्तित्व की ख़ातिर अब लड़ना होगा
अन्याय के विरुद्ध ,होगी आवाज भी
नहीं झुका है ,नहीं झुकेगा ये सर
चाहे देने पड़ जाए, अब ये प्राण भी ।।
आशी प्रतिभा दुबे ✍️
(स्वतंत्र लेखिका)
भारत