विदिशा, एमपी धमाका
कलेक्टर एवं बैंक प्रशासक अंशुल गुप्ता के मार्गदर्शन में भारत सरकार की “सहकार से समृद्धि” पहल के अंतर्गत संचालित पैक्स कम्प्यूटरीकरण योजना के तहत जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, विदिशा से संबद्ध जिले की सभी 154 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियाँ (PACS) पूर्ण रूप से कम्प्यूटरीकृत कर दी गई हैं। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से जिले के हजारों कृषकों को सीधा और व्यापक लाभ मिलने लगा है।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि समितियों के कम्प्यूटरीकरण से किसानों के लेन-देन में पारदर्शिता स्पष्ट रूप से बढ़ी है। अब समितियों से जुड़ी सभी वित्तीय गतिविधियाँ बैंकिंग प्रणाली के अनुरूप ऑनलाइन दर्ज हो रही हैं, जिससे किसानों का विश्वास सहकारी संस्थाओं एवं बैंक के प्रति और सुदृढ़ हुआ है। साथ ही समितियों के कार्यों में सरलता और गति आई है, जिससे समय की भी बचत हो रही है।
कलेक्टर एवं बैंक प्रशासक श्री गुप्ता के द्वारा उक्त कार्यो की सतत् मानीटरिंग व मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया। ई-पैक्स व्यवस्था लागू होने के बाद अब ऋण वितरण, वसूली, लेखांकन और अन्य समस्त लेन-देन ऑनलाइन होने लगे हैं। प्राथमिक समितियों से जुड़े किसानों को रबी एवं खरीफ सीजन में फसली ऋण, खाद वितरण, फसल बीमा तथा अन्य सेवाएं नियमित रूप से प्रदान की जाती हैं, जिनका रिकॉर्ड अब डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा।
डिजिटल व्यवस्था से दैनिक आवक-जावक का लेखा-जोखा व्यवस्थित रूप से संधारित हो रहा है। किसानों को तेज और पारदर्शी ऋण सुविधा, कम कागजी कार्यवाही और समय पर जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही सहकारी संस्थाओं के ऑडिट कार्य में भी सरलता आएगी, जिससे अनियमितताओं और धोखाधड़ी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
जल्द ही किसानों को एसएमएस सूचना सुविधा भी प्रदान की जाएगी, जिससे वे अपने खातों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी समय पर प्राप्त कर सकेंगे।