कलेक्टर ने निःशुल्क प्रशिक्षण व रोजगारोन्मुखी कार्यक्रमों की सराहना की और प्रशिक्षणार्थियों से संवाद भी किया
विदिशा, एमपी धमाका
कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने आज पंजाब नेशनल बैंक (PNB) कृषक प्रशिक्षण केन्द्र का भ्रमण कर यहां संचालित विभिन्न प्रशिक्षण एवं जनहित गतिविधियों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान केन्द्र के प्रबंधक द्वारा संस्थान के माध्यम से किए जा रहे कार्यों की बिंदुवार जानकारी प्रस्तुत की गई।प्रबंधक ने बताया कि यह प्रशिक्षण केन्द्र प्रतिवर्ष कृषकों, महिलाओं, बेरोजगार युवाओं एवं छात्रों के लिए पूर्णतः निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करता है। मध्यप्रदेश में इस प्रकार का यह एकमात्र केन्द्र है, जहाँ कृषि एवं कृषि से जुड़े विविध आय वर्धक विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। कृषकों के लिए पशुपालन, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, वर्मी कम्पोस्ट, औषधीय पौधों की खेती, प्राकृतिक खेती तथा उन्नत कृषि तकनीकों पर व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
केन्द्र द्वारा केवल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम भी संचालित किए जाते हैं, जिससे कई कृषक परिवारों के युवाओं को स्वरोजगार एवं रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त केन्द्र में निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर, कृषक भ्रमण, कम्प्यूटर प्रशिक्षण, सिलाई, मेहंदी, कुकिंग, ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण, मृदा एवं जल प्रबंधन प्रशिक्षण, निःशुल्क महिला स्वास्थ्य शिविर तथा किसान मेले जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। औसतन प्रतिमाह लगभग 30 विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं।
केन्द्र की टीम गाँव-गाँव जाकर वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम भी आयोजित करती है। साथ ही कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य विभाग तथा लीड बैंक के कार्यक्रमों में सक्रिय सहयोग प्रदान किया जाता है। वृक्षारोपण अभियान सहित अन्य जनहित कार्यक्रम भी नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं।
पीएनबी प्रशिक्षण केन्द्र के निदेशक अजय परिहार ने बताया कि देश के 12 राज्यों में इस प्रकार के कृषक प्रशिक्षण केन्द्र संचालित हैं, जिनमें मध्यप्रदेश का एकमात्र केन्द्र विदिशा में स्थापित है। विदिशा जिले में कृषि विज्ञान केन्द्र की अनुपस्थिति के बावजूद यह केन्द्र कृषकों तक नई कृषि तकनीकों का प्रचार-प्रसार करता है तथा फसलों में लगने वाले रोगों एवं कीटों की रोकथाम के लिए प्राकृतिक एवं जैविक उपायों की जानकारी प्रदान करता है।
कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) के तहत केन्द्र द्वारा कृषकों, महिलाओं एवं स्कूली बच्चों को विभिन्न प्रकार की सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने निरीक्षण के दौरान केन्द्र की गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान किसानों की आय वृद्धि, कौशल विकास एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी अधिक से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचाई जाए, ताकि अधिकाधिक लोग इसका लाभ ले सकें।
इस अवसर पर किसान कल्याण एवं कृषि विभाग के उप संचालक केएस खपड़िया सहायक संचालक महेंद्र सिंह ठाकुर भी साथ मौजूद रहे।