भोपाल, एमपी धमाका
सूचना के अधिकार (RTI) एक महत्वपूर्ण जनहित हितेषी कानून है, जो भारतीय नागरिकों को सरकार और सार्वजनिक अधिकारियों से जानकारी प्राप्त करने का अधिकार देता है।
यह कानून हमें अपने अधिकारों के बारे में जानने, अपनी जरूरत की जानकारी पाने और सरकार के कामों व
सरकारी कार्यप्रणाली को समझने में मदद करता है।
सूचना के अधिकार का फायदा ऐसे उठाएं -
1. अपना आवेदन लिखें : आप अपने हाथ से सादे कागज पर साफ अक्षरों में यह आवेदन (आरटीआई) लिख सकते हैं।
इसमें आपको अपनी जानकारी, जिस विभाग से जानकारी चाहिए और जिस जानकारी की आवश्यकता है, उसका विवरण देना होगा।
2. जानकारी का उद्देश्य बताएं : आरटीआई एक्ट की धारा 6 के अंतर्गत यह आवेदन दिया जाता है।
इसमें जानकारी मांगने का कारण बताना अनिवार्य नहीं है। लेकिन आप अपने आवेदन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए यह उल्लेख कर सकते हैं कि आपको यह
जानकारी किस प्रयोजन के लिए चाहिए। इससे आपका आवेदन ज्यादा वजनदार बनेगा।
3. शुल्क का भुगतान करें : आपको RTI आवेदन के लिए ₹10 के शुल्क का भुगतान करना होगा। आप लोक सूचना अधिकारी कार्यालय में ₹10 नगद जमा कर उसकी रसीद की फोटोकॉपी आरटीआई के साथ लगा सकते हैं। यह शुल्क पोस्टल आर्डर या नॉन ज्यूडिशियल स्टांप या ऑनलाइन माध्यम के जरिए भी जमा कर सकते हैं और उसका प्रमाण आरटीआई के साथ लगा सकते हैं।
गरीबी रेखा से नीचे के लोगों को आवेदन शुल्क से छूट प्राप्त है। यह छूट लेने के लिए उन्हें अपनी आरटीआई के साथ बीपीएल होने का प्रमाण लगाना होगा।
4. अपना आवेदन जमा करें : आप अपना आवेदन संबंधित विभाग के जन सूचना अधिकारी (PIO) को स्पीड पोस्ट से भेज सकते हैं या व्यक्तिगत रूप से जमा कर सकते हैं।
आपके राज्य के ऑनलाइन आरटीआई पोर्टल पर जाकर आरटीआई ऑनलाइन भी दाखिल कर सकते हैं।
5. जानकारी प्राप्त करें :
PIO को आपका आवेदन प्राप्त होने की तिथि से 30 दिनों के अंदर आपको जवाब देना होगा। यदि आपको 30 दिन के अंदर जानकारी नहीं मिलती है तो आप अगले 30 दिनों के भीतर उसी विभाग के प्रथम अपीलीय अधिकारी (FAA) के पास अपील कर सकते हैं।
प्रथम अपील कुछ राज्यों में निशुल्क है और कुछ राज्यों में इसके लिए शुल्कलागू है।
6. प्रथम अपीलीय अधिकारी के लिए यह अनिवार्य है कि वे आपकी प्रथम अपील का 30 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से निपटारा करें।
यदि वैसा नहीं करते हैं यदि वह ऐसा नहीं करते हैं या आप उनके द्वारा किए गए निर्णय से संतुष्ट नहीं हैं तो अगले 90 दिनों के भीतर सूचना आयोग में द्वितीय अपील कर सकते हैं।
द्वितीय अपील अंतिम अपील होती है। इस अपील के लिए कुछ राज्यों में शुल्क लागू है, जबकि कुछ राज्यों में यह निशुल्क है।
केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आने वाले विभागों और निकायों से संबंधित द्वितीय अपील केंद्रीय सूचना आयोग में करनी होती है, जहां यह निशुल्क है।
राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आने वाले विभागों और संस्थाओं से संबंधित द्वितीय अपील राज्य सूचना आयोग में करनी होती है।
सूचना के अधिकार के फायदे -
- भ्रष्टाचार को रोकने में मदद: RTI से आप सरकार के क्रियाकलाप और उसकी कार्यप्रणाली को देख सकते हैं, और भ्रष्टाचार को रोकने में मदद कर सकते हैं।
- जवाबदेही बढ़ती है : सरकार और सार्वजनिक अधिकारी अपने कार्यों के लिए जवाबदेह बनते हैं।
- सामाजिक और आर्थिक विकास : RTI से आप अपने अधिकारों के बारे में जान सकते हैं और सामाजिक और आर्थिक विकास में योगदान कर सकते हैं।
निष्कर्ष :
सूचना का अधिकार हर नागरिक के लिए सबसे ताकतवर औजार है, जो हमें अपने अधिकारों के बारे में जानने और सरकार व उसके तंत्र के कामकाज एवं उसकी कार्यप्रणाली को समझने में मदद करता है।
हमें इसका सदुपयोग करके भ्रष्टाचार को रोकने, जवाबदेही बढ़ाने और सामाजिक और आर्थिक विकास में योगदान करने में मदद करनी चाहिए।