Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS

प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को किया जाए प्रोत्साहित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


प्रदेश में मानव-वन्य जीव सह अस्तित्व के लिए उपयुक्त वातावरण निर्मित करना आवश्यक
प्रदेश में अन्य प्रदेशों के साथ आदान-प्रदान से बढ़ रही है वन्य जीवों की विविधता
विद्यार्थियों को वन और वन्य जीवों से परिचित कराने वाले अनुभूति कार्यक्रम का किया जाए विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई मध्यप्रदेश राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की बैठक

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में वन्य जीवों के संरक्षण के दिशा में हो रहे बेहतर कार्य के परिणाम स्वरूप प्रदेश में वन्य जीवों की संख्या में वृद्धि हुई है। इस स्थिति में मानव-वन्य जीव सह अस्तित्व को प्रोत्साहित करने के लिए जनता को जागरूक करने तथा उन्हें आवश्यक सतर्कता बरतने के उपायों की जानकारी देना आवश्यक है। इसके साथ ही वन विभाग द्वारा पर्यटन विभाग से समन्वय करते हुए प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए गतिविधियां संचालित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूली बच्चों को वन और वन्य जीवों से परिचित कराने के लिए संचालित किऐ जा रहे अनुभूति कार्यक्रम का विस्तार करने और इस गतिविधि में अधिक से अधिक शालाओं को शामिल करने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की मंत्रालय में हुई 31वीं बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक में वन राज्यमंत्री श्री दिलीप अहिरवार, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव वन श्री संदीप यादव सहित वन विभाग के अधिकारी और वन्य प्राणी बोर्ड के सदस्य उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश से अन्य राज्यों को वन्य जीव उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके बदले में उन राज्यों से भी वन्य जीव मध्यप्रदेश लाए जाएं। इससे प्रदेश में वन्य जीवों की विविधता बढ़ेगी। उन्होंने वन्य जीव प्रबंधन में अन्य राज्यों द्वारा किए जा रहे नवाचारों और बेस्ट प्रेक्टिसेस को अपनाने की बात भी कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्वविद्यालयों तथा अन्य संस्थाओं को जोड़कर वन और वन्य जीव के संबंध में अध्ययन प्रक्रिया को प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन क्षेत्र में विद्यमान पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण की श्रेष्ठ व्यवस्था हो, वन और पुरातत्व विभाग तथा इस क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्थाओं की कार्यशाला भी आयोजित की जाए। बैठक में प्रदेश में बढ़ रही हाथियों की संख्या को दृष्टिगत करते हुए हाथियों पर केंद्रित पर्यटन गतिविधियां संचालित करने के संबंध में चर्चा हुई। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलगुरू श्री विजय मनोहर तिवारी ने हाथी प्रबंधन पर विश्वविद्यालय द्वारा आलेख लेखन का प्रस्ताव रखा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सर्पदंश की घटनाओं में प्रभावितों की जान बचाने के उद्देश्य से प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम 2 व्यक्तियों को सांप पकड़ने तथा प्रभावित को बचाने के लिए प्रारंभिक रूप में सहायता करने संबंधी आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। सांपों के संबंध में आवश्यक जागरूकता और सर्तकता बरतने के उपायों का भी प्रचार-प्रसार आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉग स्क्वाड में देशी नस्ल के डॉग शामिल करने के लिए भी पहल करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को वन्य प्राणी संरक्षण और प्रबंधन के क्षेत्र में उपलब्धियों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि गांधी सागर अभयारण्य, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व और कूनो नेशनल पार्क में 846 कृष्ण मृग और 67 नीलगायों का सफल पुनर्स्थापन किया गया। वन विहार नेशनल पार्क भोपाल से 6 मगरमच्छों को ओंकारेश्वर क्षेत्र में उनके प्राकृतिक अवास में सफल रूप से छोड़ा गया। पेंच टाइगर रिजर्व से राम टाइगर रिजर्व राजस्थान के लिए एक मादा टाइगर भेजी गई है। इसी प्रकार असम से 50 जंगली भैंसें 3 समूह में 3 साल में गेंडे का जोड़ा और किंग कोबरा मध्यप्रदेश लाए जाएंगे और मध्यप्रदेश से टाइगर, मगरमच्छ तथा गौर असम को सौंपे जाएंगे। नामीबियाई मादा चीता आशा द्वारा दूसरी बार मां बनकर एक साथ 5 स्वस्थ चीता शावकों को जन्म दिया गया है। प्रदेश में अब चीतों की कुल संख्या 35 हो गई है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश की स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स और वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो नई दिल्ली की संयुक्त कार्यवाही के परिणाम स्वरूप 10 साल से वांछित अंतर्राष्ट्रीय बाघ तस्कर यांगचेन लाचुंगपा को भारत-चीन की अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास उत्तर सिक्किम में गिरफ्ता किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में बगदरा अभयारण्य, संजय टाइगर रिजर्व, सीधी के बफर जोन क्षेत्र विस्तार करने के संबंध में प्रस्ताव, पन्ना टाइगर रिजर्व, पद्मश्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर टाइगर रिजर्व, सोन घड़ियाल अभयारण्य, कूनो राष्ट्रीय उद्यान, श्योपुर, सतपुड़ा-पेंच टाइगर रिजर्व कॉरीडोर से संबंधित वन्य जीव अनुमतियों को अनुमोदन प्रदान किया गया।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |