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तारीख पे तारीख देकर कानून से खिलवाड़ कर रहे जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी..!






नियमों को ताक पर रख अपीलों का निराकरण समय सीमा में नहीं कर रहे अपील अधिकारी

दीपक तिवारी, विदिशा 
सूचना का अधिकार हर नागरिक के लिए सबसे ताकतवर औजार है, जो सभी को अपने अधिकारों के बारे में जानने और सरकार व उसके तंत्र के कामकाज एवं उसकी कार्यप्रणाली को समझने में मदद करता है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा आरटीआई प्रावधान का उल्लंघन कर कानून को लगातार कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। विदिशा जिला पंचायत सीईओ ओपी सनोडिया द्वारा आरटीआई प्रावधान से खिलवाड़ कर अपीलों का निराकरण समय सीमा में न कर तारीख पे तारीख दी जा रही है। अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब वरिष्ठ अधिकारी ही नियमों का पालन नहीं करेंगे तो अधीनस्थ अधिकारियों व कर्मचारियों से नियमों के पालन की उम्मीद करना बेकार है।

प्रकरण नंबर 1- सूचना पटल की जानकारी नहीं दिला पाए सीईओ

सूचना का अधिकार अधिनियम में लोक सूचना अधिकारी व प्रथम अपील अधिकारी की आवश्यक जानकारी देने के लिए ग्राम पंचायत से लेकर हर सरकारी कार्यालय में सूचना पटल लगाना अनिवार्य है। लेकिन कानून लागू होने के 20 साल बाद भी कई कार्यालय में सूचना पटल नहीं लगे हैं। या जिन कार्यालयों में लगे हैं उनमें में पूरी जानकारी नहीं दी गई है।
विदिशा जिला पंचायत से सूचना पटल की जानकारी समय सीमा में नहीं मिलने पर सीईओ के समक्ष प्रथम अपील की गई। लेकिन प्रथम अपील अधिकारी द्वारा अपील का निराकरण 30 दिन में न कर प्रावधान का उल्लंघन किया गया। अपीलार्थी को सूचना पटल की जानकारी आज तक उपलब्ध नहीं कराई गई। जिला पंचायत सीईओ सुनवाई में प्रावधान का उल्लंघन कर तारीख पर तारीख दे रहे हैं।

मामला नंबर 2-  सीईओ ने 49 दिन बाद भी नहीं किया अपील का निराकरण

जिला पंचायत सीईओ ने जिला शिक्षा अधिकारी विदिशा के विरुद्ध दायर प्रथम अपील में तो कानून से गजब का खिलवाड़ करते हुए 49 दिन बाद भी अपील का निराकरण नहीं किया। इस मामले से स्पष्ट है कि पहले लोक सूचना अधिकारी ने आरटीआई प्रावधान का पालन नहीं किया और जब न्याय पाने के लिए प्रथम अपील दायर की गई तो अपील अधिकारी ने न्याय की जगह अन्याय किया और प्रावधान का पालन न करते हुए नियमों का उल्लंघन किया।
जबकि आरटीआई में 30 दिन के भीतर अपील का निराकरण अनिवार्य रूप से हो जाना चाहिए। जिला पंचायत सीईओ द्वारा प्रावधान का पालन नहीं किए जाने पर अपीलार्थी ने लिखित तर्क देकर सुनवाई में उपस्थित होने से इनकार कर दिया।

मामला नंबर 3- लोक सूचना अधिकारी को मनमानी की छूट

जिला पंचायत सीईओ द्वारा एक अपील में नहीं बल्कि अन्य अपीलों में भी प्रावधान का पालन न करते हुए लोक सूचना अधिकारियों की वैधानिक गलतियों पर पर्दा डालने का प्रयास किया गया। आरईएस के विरुद्ध दायर अपील में भी समय सीमा का ध्यान न रखते हुए तीन बार सुनवाई की तारीख लगाई गई। जिला पंचायत के सीईओ प्रथम अपील में तारीख पर तारीख देने का काम नियमों के बाहर जाकर कर रहे हैं।

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