विदिशा, एमपी धमाका
कलेक्टर एवं जिला मुख्य जनगणना अधिकारी अंशुल गुप्ता द्वारा जनगणना-2027 के अंतर्गत स्व-गणना प्रक्रिया को बढ़ावा देते हुए स्वयं अपने मोबाइल फोन के माध्यम से स्व-गणना फॉर्म भरकर नागरिकों को प्रेरित किया और यह संदेश दिया है कि यह प्रक्रिया अत्यंत सरल एवं सहज है। उन्होंने जिले के समस्त नागरिकों से इस डिजिटल सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की है।
भारत सरकार द्वारा प्रारंभ की गई यह आधुनिक डिजिटल सुविधा नागरिकों को घर बैठे सरल, सुरक्षित एवं सुविधाजनक तरीके से जनगणना में भाग लेने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि कोई भी नागरिक पोर्टल पर लॉगिन कर कुछ आसान प्रश्नों के उत्तर देकर अपनी एवं अपने परिवार की जानकारी स्वयं दर्ज कर सकता है। उल्लेखनीय है कि जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य एक मई से 30 मई तक किया जाएगा। इसके पहले 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्व-गणना हेतु पोर्टल पर विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस अवधि में नागरिक अपनी स्व-गणना समय रहते पूर्ण कर सकते हैं, जिससे आगामी प्रक्रिया और अधिक सुगम हो सके। इससे नागरिकों को घर, कार्यालय अथवा किसी भी स्थान से मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से सुरक्षित रूप से जानकारी दर्ज करने की सुविधा मिलती है। जनगणना-2027 में पहली बार नागरिकों को स्व-गणना का विकल्प प्रदान किया गया है। जो एक आधुनिक, तकनीकी रूप से सशक्त एवं समावेशी प्रक्रिया की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे नागरिकों की भागीदारी बढ़ेगी और देश के विकास के लिए आवश्यक आंकड़ों का संकलन अधिक सुगमता से किया जा सकेगा।
जनगणना का द्वितीय चरण, जिसमें जनसंख्या गणना की जाएगी, फरवरी 2027 में पूरे देश में संपन्न होगा। इस दृष्टि से वर्तमान स्व-गणना प्रक्रिया नागरिकों को प्रारंभिक चरण में ही जुड़ने और अपनी जिम्मेदारी निभाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है। कलेक्टर श्री गुप्ता ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्व-गणना सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें और जनगणना कार्य को सफल बनाने में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। इस दौरान अपर कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी अनिल कुमार डामोर के साथ साथ अन्य डिप्टी कलेक्टर, समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों कर्मचारियों तथा कलेक्ट्रेट में संचालित विभागों के अधिकारी व सहायकों समेत अन्य स्टाफ को कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार में एक साथ बैठकर अपना अपना स्व-गणना फॉर्म भरा है। चरनजीत सिंह रघुवंशी के द्वारा पीपीटी के माध्यम से जानकारी दर्ज कराने की प्रक्रिया समानांतर प्रदिर्शत की गई जिससे हरेक को मौके पर शीघ्रता से कार्य करने में सहूलियत हुई थी।