विदिशा, एमपी धमाका
कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने आज लंबित आवेदनों की समीक्षा बैठक में जिले में पशुओं के प्रबंधन को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में गौशाला संचालित नहीं है, वहां कांजी हाउस की तर्ज पर आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल क्रियान्वित की जाएं।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि पशुधन के समुचित संरक्षण और सड़कों पर आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए यह व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे ग्रामों की पहचान कर शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखा जा सके।
बैठक में कलेक्टर श्री गुप्ता ने विशेष रूप से जिले के सीमा क्षेत्रों पर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग एवं स्टेट हाईवे पर पशुओं के विचरण को रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कों पर पशुओं के घूमने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है, जिसे गंभीरता से लिया जाना आवश्यक है।
निर्देशानुसार, यदि कहीं भी हाईवे या स्टेट हाईवे पर पशु विचरण करते पाए जाते हैं, तो संबंधित ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी होगी कि वह उन पशुओं को पकड़कर निकटतम गौशाला या कांजी हाउस तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करे।
कलेक्टर ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि इस व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए और लापरवाही की स्थिति में संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह पहल पशुधन संरक्षण के साथ-साथ सड़क सुरक्षा के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।