विदिशा, एमपी धमाका
कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने बुधवार को भ्रमण के दौरान समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उपार्जन केन्द्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और वहां मौजूद किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं एवं सुझाव भी सुने।
कलेक्टर श्री गुप्ता ग्राम पालकी स्थित उदित लॉजिस्टिक्स केन्द्र पहुंचे, जहां उन्होंने गेहूं खरीदी की प्रक्रिया, तौल व्यवस्था, भंडारण एवं परिवहन संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केन्द्र पर आने वाले किसानों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था एवं समयबद्ध तौल व्यवस्था का भी अवलोकन किया।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपार्जन कार्य पूरी पारदर्शिता एवं सुचारू रूप से संचालित हो, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसानों का अनाज समय पर तौला जाए और भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो।
निरीक्षण के दौरान किसानों ने भी अपनी बात रखते हुए व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और इस दिशा में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
82 हजार मीट्रिक टन से अधिक खरीदी, 84.62 प्रतिशत परिवहन पूर्ण -
मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा जारी रबी विपणन वर्ष 2026-27 की गेहूं उपार्जन रिपोर्ट के अनुसार विदिशा जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का कार्य तेज गति से जारी है। बुधवार 22 अप्रैल शाम 4.58 बजे तक के आंकड़ों में उपार्जन कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार जिले में कुल 3,64,000 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं बोया गया, जिसमें से 2,14,170 हेक्टेयर रकबा पंजीकृत है। वहीं 87,913 किसानों ने उपार्जन के लिए पंजीयन कराया है। अनुमानित उत्पादन 5,80,000 मीट्रिक टन आंका गया है, जो जिले की कृषि क्षमता को दर्शाता है।
जिले में 147 खरीदी केन्द्रों पर उपार्जन कार्य संचालित हो रहा है। अब तक 17,797 किसानों से गेहूं खरीदा जा चुका है। 22 अप्रैल बुधवार को एक दिन में 11,148.30 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी पूर्व उल्लेखित समयावधि में दर्ज हुई है, जबकि कुल खरीदी मात्रा 82,067.70 मीट्रिक टन तक पहुंच गई है।
परिवहन व्यवस्था भी संतोषजनक स्थिति में है। कुल 71,592.90 मीट्रिक टन गेहूं परिवहन के लिए तैयार है, जिसमें से 69,447.10 मीट्रिक टन का परिवहन किया जा चुका है। इस प्रकार परिवहन का प्रतिशत 84.62 प्रतिशत दर्ज किया गया है। शेष 12,620.60 मीट्रिक टन गेहूं का परिवहन किया जाना बाकी है।
भंडारण और स्वीकृति की स्थिति पर नजर डालें तो 63,741.10 मीट्रिक टन गेहूं के स्वीकृति पत्र जारी किए जा चुके हैं, जो परिवहन मात्रा का 92 प्रतिशत और कुल खरीदी का 78 प्रतिशत है। यह दर्शाता है कि प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी तेजी से पूरी की जा रही हैं।
खरीदी गई मात्रा के अनुसार कुल देय राशि 215.43 करोड़ रुपये है। जेआईटी पोर्टल पर 117.91 करोड़ रुपये की ईपीओ राशि प्राप्त हुई है, जो कुल का 54.73 प्रतिशत है। इसमें से डीसीसीबी द्वारा 99.53 करोड़ रुपये की राशि डीएससी के माध्यम से स्वीकृत की गई है, जबकि 18.38 करोड़ रुपये लंबित हैं।
अब तक 71.95 करोड़ रुपये का सफल भुगतान किसानों को किया जा चुका है, जबकि 143.48 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि भुगतान प्रक्रिया तेजी से जारी है, लेकिन इसे और तेज करने की आवश्यकता है ताकि किसानों को समय पर उनकी उपज का मूल्य मिल सके।
विदिशा जिले में गेहूं उपार्जन का कार्य व्यवस्थित और प्रगतिशील ढंग से संचालित हो रहा है। प्रशासन द्वारा लगातार मॉनिटरिंग और व्यवस्थाओं में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे किसानों को अधिकतम सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।