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पुराणों में भी बताया गया वृक्षों का महत्व, पिपरौट नर्सरी का अनोखा संदेश

टीकमगढ़, एमपी धमाका 
पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए सामाजिक वानिकी वृत्त सागर की पिपरौट नर्सरी में लगाए गए संदेश बोर्ड लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। “पुराणों में वृक्ष महात्य” शीर्षक वाले इस बोर्ड में धार्मिक ग्रंथों और पुराणों के माध्यम से वृक्षों के महत्व को बताया गया है।
बोर्ड में उल्लेख किया गया है कि पीपल, नीम, बरगद, आम जैसे वृक्ष न केवल पर्यावरण के लिए उपयोगी हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था में भी इनका विशेष स्थान है। इसमें महाभारत, वराह पुराण और अन्य ग्रंथों के संदर्भ देकर वृक्षों को जीवनदायी बताया गया है।
वन विभाग की यह पहल लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ धार्मिक आस्था के जरिए वृक्षारोपण के लिए प्रेरित कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि पीपल, बरगद और शमी जैसे वृक्षों का उल्लेख वेद-पुराणों में भी मिलता है और इन्हें प्रकृति संतुलन का आधार माना गया है। 
स्थानीय लोगों ने नर्सरी प्रभारी पवन तिवारी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यदि इसी तरह धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से लोगों को जागरूक किया जाए, तो पर्यावरण संरक्षण अभियान को और मजबूती मिल सकती है।

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