विदिशा, एमपी धमाका
परम पूज्य महामंडलेश्वर 1008 स्वामी श्री अभिरामदास जी महाराज ने अपने आध्यात्मिक अनुभव साझा करते हुए कहा कि मां गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि परमात्मा श्री राम का प्रत्यक्ष स्वरूप हैं। उन्होंने बताया कि मां गंगा का दर्शन करने मात्र से मनुष्य के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
महाराज जी ने कहा कि मां गंगा शरीर से भले ही दूर हों, लेकिन आध्यात्मिक रूप से सदैव अपने भक्तों के समीप रहती हैं। उन्होंने अपने अनुभव में बताया कि जब कोई श्रद्धा और विश्वास के साथ मां गंगा का स्मरण करता है, तो जीवन में अद्भुत परिवर्तन देखने को मिलते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि परमात्मा का स्वरूप हर जगह विद्यमान है, लेकिन गंगा जल में विशेष दिव्यता और ऊर्जा अनुभव होती है। मां गंगा के प्रति श्रद्धा रखने वाले लोगों को जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक बल प्राप्त होता है।
पूज्य महाराज के इन अनुभवों को सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और बड़ी संख्या में लोगों ने गंगा महिमा का स्मरण किया।