विधायक प्रतिनिधि कैलाश रघुवंशी ध्यानाकर्षण के माध्यम से उठाएंगे मैदानी अमले पर दबाव और सचिव की मौत का मामला
विदिशा, एमपी धमाका
जिला पंचायत की गुरुवार को आयोजित होने वाली बैठक में सीएम हेल्पलाइन (181) की शिकायतों के निराकरण को लेकर मैदानी अमले पर बनाए जा रहे प्रशासनिक दबाव का मुद्दा प्रमुखता से उठेगा। विधायक प्रतिनिधि कैलाश रघुवंशी बैठक में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव प्रस्तुत कर इस व्यवस्था पर सवाल खड़े करेंगे।
ध्यानाकर्षण के माध्यम से श्री रघुवंशी का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की राशि राज्य शासन या केंद्र सरकार के स्तर से जारी होती है। कई बार बजट के अभाव में कार्य लंबित रह जाते हैं, जिससे नागरिक सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराते हैं। इसके बावजूद उच्च अधिकारी अपनी रैंकिंग सुधारने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत सचिवों और जीआरएस पर शिकायतें हर हाल में बंद कराने का अनावश्यक एवं मानसिक दबाव बनाते हैं।
वे इस दौरान ग्राम पंचायत घोगरा के सचिव स्वर्गीय विश्वकर्मा का मामला भी उठाएंगे। उनका कहना है कि देर रात तक कार्य निपटाने के दबाव के कारण मानसिक तनाव और अत्यधिक थकान में घर लौटते समय सड़क दुर्घटना में सचिव की मृत्यु हो गई, जो पूरे तंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
प्रमुख मांगें
स्वर्गीय विश्वकर्मा के परिजनों को तत्काल अनुकंपा नियुक्ति, आर्थिक सहायता एवं उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
बजट के अभाव में लंबित शिकायतों के लिए मैदानी कर्मचारियों को प्रताड़ित करने वाले अधिकारियों की निष्पक्ष जांच कर उनके विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
सीएम हेल्पलाइन के नाम पर केवल रैंकिंग सुधारने के लिए बनाए जा रहे अनावश्यक दबाव को समाप्त कर मैदानी कर्मचारियों को राहत दी जाए।
श्री रघुवंशी का कहना है कि जनहित की योजनाओं के क्रियान्वयन में कार्यरत कर्मचारियों को संसाधनों के अभाव में परेशान करना उचित नहीं है। यदि समस्या बजट या उच्च स्तर पर लंबित है तो उसका दोष मैदानी कर्मचारियों पर नहीं थोपा जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिला पंचायत की बैठक में इस गंभीर विषय पर सार्थक चर्चा होगी और कर्मचारियों के हित में ठोस निर्णय लिए जाएंगे।