एसडीएम एवं तहसीलदार कार्यालय भवन का प्लास्टर उखड़ा, सामने की सड़क भी हुई बदहाल
एमपी धमाका, विदिशा।
विदिशा जिला मुख्यालय स्थित एसडीएम एवं तहसीलदार कार्यालय में निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भवन की दीवारों का प्लास्टर जगह-जगह उखड़ने लगा है, वहीं कार्यालय के मुख्य प्रवेश मार्ग की सड़क भी उखड़कर गिट्टियों में तब्दील होती दिखाई दे रही है।
सरकारी कार्यालय में इस तरह की बदहाली यह संकेत देती है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया। जिला मुख्यालय पर स्थित इस महत्वपूर्ण कार्यालय की ऐसी स्थिति देखकर आम नागरिकों में भी नाराजगी है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जिले के प्रमुख प्रशासनिक कार्यालय में ही निर्माण की गुणवत्ता का यह हाल है, तो ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले निर्माण कार्यों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। इससे यह भी प्रतीत होता है कि निर्माण एजेंसियों और जिम्मेदार अधिकारियों में जवाबदेही का अभाव है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग को भवन और सड़क का तकनीकी निरीक्षण कराकर दोषी एजेंसी एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि सरकारी धन की बर्बादी पर रोक लग सके।
उठते सवाल...
क्या निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी हुई?
निर्माण की निगरानी करने वाले अधिकारी कौन थे?
भवन का प्लास्टर समय से पहले क्यों उखड़ने लगा?
सड़क की इतनी जल्दी दुर्दशा के लिए कौन जिम्मेदार है?
क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा?
जिला मुख्यालय के इस सरकारी भवन की हालत एक बड़ा सवाल छोड़ रही है—यदि प्रशासन के अपने कार्यालय सुरक्षित और टिकाऊ नहीं हैं, तो आम जनता के लिए बनने वाले निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर कैसे भरोसा किया जाए?