विदिशा, एमपी धमाका
विदिशा शहर के माध्यमिक स्कूल माधवगंज क्रमांक-2 के परिसर में बारिश का पानी भरने और एक ही कमरे में दो कक्षाओं का संचालन किए जाने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के मामले में कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने सख्त रुख अपनाया है। मामले में जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा केन्द्र विदिशा आर.पी. लखेर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जारी नोटिस में कहा गया है कि स्कूल परिसर में अत्यधिक जलभराव के कारण एक ही कमरे में दो कक्षाओं का संचालन करना पड़ा और इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई। नोटिस में इसे जिला कार्यालय की छवि धूमिल करने वाला मामला बताया गया है।
नोटिस में उल्लेख किया गया है कि वर्षाकाल से पूर्व जर्जर, क्षतिग्रस्त अथवा जलभराव की स्थिति वाले विद्यालयों को चिन्हित कर उनके सुचारू संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश समय-समय पर बैठकों में दिए गए थे। इसके बावजूद संबंधित अधिकारी द्वारा उचित कार्रवाई नहीं किए जाने और वैकल्पिक व्यवस्था की अनदेखी किए जाने को पदेन दायित्व के प्रति लापरवाही एवं उदासीनता माना गया है।
कलेक्टर ने नोटिस में कहा है कि प्रथम दृष्टया संबंधित अधिकारी इसके लिए उत्तरदायी हैं। नोटिस में मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए पूछा गया है कि उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव वरिष्ठ कार्यालय को क्यों न भेजा जाए।
तीन दिन में मांगा जवाब
जिला परियोजना समन्वयक से नोटिस प्राप्त होने के तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है। निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर आरोपित कदाचरण स्वीकार किया हुआ मानते हुए एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
नोटिस की प्रतिलिपि स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव, भोपाल संभाग आयुक्त, अपर कलेक्टर (स्थापना), जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा जिला शिक्षा अधिकारी को भी भेजी गई है। साथ ही संबंधित अधिकारी के गोपनीय प्रतिवेदन की नस्ती में कारण बताओ नोटिस संलग्न करने के निर्देश दिए गए हैं।