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शिक्षक : जो सिर्फ पढ़ाते नहीं, जीवन गढ़ते हैं..!

शब्दों से ज्ञान, संस्कारों से व्यक्तित्व और मार्गदर्शन से भविष्य का निर्माण करते हैं शिक्षक

विशेष फीचर | एमपी धमाका
किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसके विद्यालयों की कक्षाओं में आकार लेता है और उन कक्षाओं में भविष्य को दिशा देने वाला सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति होता है—शिक्षक। शिक्षक केवल किताबों का ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि वह मार्गदर्शक है जो एक बच्चे की प्रतिभा को पहचानकर उसे उसके सपनों तक पहुंचने का रास्ता दिखाता है।

हर सफल व्यक्ति की सफलता के पीछे किसी न किसी शिक्षक की प्रेरणा, डांट, सीख और विश्वास जरूर छिपा होता है। शिक्षक कभी ज्ञान देता है, कभी अनुशासन सिखाता है, कभी गलतियों पर रोकता है और कभी असफलता के बाद फिर से खड़े होने का हौसला देता है।

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नमन

भारत में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस महान दार्शनिक, शिक्षाविद और देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। उनका मानना था कि शिक्षा केवल जानकारी प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति के चरित्र और विचारों को विकसित करने की प्रक्रिया है।

इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए शिक्षक दिवस हमें अपने उन सभी गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देता है, जिन्होंने हमारे जीवन को दिशा दी।

बदलते समय में शिक्षक की भूमिका और बड़ी

आज शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। डिजिटल क्लास, स्मार्ट बोर्ड, ऑनलाइन शिक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में विद्यार्थियों के पास जानकारी के अनेक साधन उपलब्ध हैं। लेकिन जानकारी और ज्ञान में अंतर समझाने वाला शिक्षक आज भी उतना ही जरूरी है।

इंटरनेट जवाब दे सकता है, लेकिन सही सवाल पूछना शिक्षक सिखाता है। तकनीक जानकारी दे सकती है, लेकिन उसका सही उपयोग और मानवीय मूल्यों का महत्व शिक्षक ही समझाता है।

शिक्षक सिर्फ विद्यार्थी नहीं, समाज बनाते हैं

एक शिक्षक जिस बच्चे को पढ़ाता है, वह आगे चलकर डॉक्टर, इंजीनियर, अधिकारी, वैज्ञानिक, किसान, व्यापारी, पत्रकार या जनप्रतिनिधि बन सकता है। इसलिए शिक्षक का प्रभाव केवल एक विद्यार्थी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके माध्यम से पूरे समाज और राष्ट्र पर पड़ता है।

एक अच्छे शिक्षक की एक छोटी-सी सीख किसी विद्यार्थी की पूरी जिंदगी बदल सकती है।

गुरु का स्थान हमेशा सर्वोच्च

भारतीय संस्कृति में गुरु को सदैव विशेष सम्मान दिया गया है। गुरु वह है जो अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाए। माता-पिता हमें जीवन देते हैं, लेकिन शिक्षक उस जीवन को सही दिशा देने का कार्य करते हैं।

आज शिक्षक दिवस के अवसर पर हमें केवल अपने शिक्षकों को शुभकामनाएं ही नहीं देनी चाहिए, बल्कि उनके द्वारा दिए गए संस्कारों और सीख को अपने जीवन में उतारने का संकल्प भी लेना चाहिए।

आज का संकल्प

आइए, शिक्षक दिवस पर हम संकल्प लें कि अपने गुरुओं का सम्मान करेंगे, शिक्षा को केवल परीक्षा और नौकरी का माध्यम नहीं बल्कि बेहतर इंसान बनने का साधन बनाएंगे और अपने ज्ञान का उपयोग समाज एवं राष्ट्र के हित में करेंगे।

क्योंकि स्कूल की कक्षा में शिक्षक जो बीज बोता है, वही आगे चलकर राष्ट्र के भविष्य का वृक्ष बनता है।

“गुरु वह दीपक है, जो स्वयं जलकर दूसरों के जीवन में उजाला करता है।”

शिक्षक दिवस पर देश के सभी शिक्षकों को सादर नमन एवं हार्दिक शुभकामनाएं।

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