एमपी धमाका, विदिशा
कलेक्टर अंशुल गुप्ता के द्वारा जिले में किए जा रहे नवाचार के तहत अधिक से अधिक विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की इंजीनियरिंग व मेडिकल काॅलेजो में दाखिला के लिए आयोजित होने वाली परीक्षाओं में सफल हों, इसके लिए सबसे पहले उनके द्वारा शिक्षकों को अध्यापन कराना सिखाया जा रहा है।
इसके लिए एक विशेष कार्यशाला का आयोजन रविन्द्रनाथ टैगोर सांस्कृतिक भवन (आडिटोरियम में आयोजित किया गया। जिला प्रशासन एवं स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त समन्वय से आयोजित कार्यशाला में इन्दौर की संस्था के द्वारा परीक्षार्थियों की तैयारी हेतु प्लानिंग, मार्गदर्शन पर विस्तृत जानकारी शिक्षकों के मध्य साझा की है।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने कार्यशाला का शुभांरभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित व माल्यार्पण कर किया। उन्होंने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए शिक्षकों से कहा कि स्कूली विद्यार्थियों के विकास मार्ग बंद ना हों। हर बच्चे में कुछ न कुछ क्षमता होती है। उसे हम विकसित कर उस क्षेत्र में हम उसे अग्रणी बनाएं। उन्होंने बच्चों के लिए प्राप्त होने वाले अवसरों खासकर राष्ट्रीय स्तर की ऐसी परीक्षाएं जिनके माध्यम से उत्कृष्ट मेडिकल व इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने में दाखिला लेने से पहले जिले के सभी शासकीय स्कूलो में अध्ययनरत बच्चों को इन संस्थाओं की जानकारी हो और वे पढ़ाई के माध्यम से वहां तक पहुंचें। स्कूलों में इतनी जानकारी दी जाए कि ट्यूशन की उन्हें जरूरत ना पडे़।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि ज्ञान की पूजा करने का मतलब हमारे अन्दर सीखने की भूख बनी रहे, इसके लिए ट्रेनिंग, अध्ययन सामग्री, विभिन्न माध्यमों से उपलब्ध कराई जा सकती है। शिक्षकों का दायित्व है कि यहां जो जानकारी दी जा रही है वह विद्यार्थियों में प्रयोग करें और बच्चों में रटने की जगह समझने और आत्मसात करने की प्रवृत्ति में वृद्धि हो। ऐसे बच्चे जो प्रश्नों को हल नहीं कर पाते हैं। उनकी कमजोरी को संज्ञान में लेते हुए हम मित्रवर बनकर उनकी मदद करें। बच्चों में जिज्ञासाओं को जानने की ज्यादा लालसा रहती है अतः उनके द्वारा पूछे जाने वाले प्रश्नों का हम ऐसा सटीक जबाब दें कि बच्चे सुगमता से समझ सकें। अपनी मेमोरी पावर को कैसे बढाएं ताकि जो पढ़ें वह याद बना रहे, इस ओर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की जिज्ञासाओं का समाधान वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से की जाएगी।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि इस कार्यशाला का प्रमुख उद्धेश्य यही है कि शासकीय स्कूलो में पढ़ने वाले बच्चे अपने आप को किसी भी स्तर पर कमजोर ना समझें। शासन प्रशासन उनकी शैक्षणिक जिज्ञासाओं के समाधान हेतु कृत संकल्पित है। कार्यशाला में इन्दौर की एलिन के विशेषज्ञो द्वारा शिक्षकों को मार्गदर्शन स्वरूप छोटे-छोटे संस्मरणो के माध्यम से रेखांकित किया गया है। उक्त कार्यशाला में संयुक्त कलेक्टर एवं स्कूल शिक्षा विभाग की जिला नोडल अधिकारी श्रीमती शशि मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी आरके ठाकुर के अलावा समस्त बीईओ, बीआरसी मौजूद रहे।