भोपाल, एमपी धमाका
षडयंत्र पर्वक पद का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार करने वाले जिला सहकारी एवं ग्रामीण विकास बैंक के अधिकारियों को विशेष न्यायालय ने तीन-तीन साल की सजा से दंडित किया है।
विशेष लोक अभियोजक डॉ राम कुमार खत्री ने बताया कि विशेष न्यायालय मनोज कुमार सिंह, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के द्वारा जिला सहकारी एवं ग्रामीण विकास बैंक के अधिकारीगण जिनमे विक्रय अधिकारी हरिहर प्रसाद मिश्रा, सुरेश ममतानी, पुष्टीकर्ता अधिकारी एवं क्रेता सयैद रूकुद्दीन को धारा 420 सहपठित धारा 120-बी भादवि 13-1 (डी) सहपठित 13(2) पीसी एक्ट में दोष सिद्ध पाते हुये, विक्रय अधिकारी हरिहर प्रसाद मिश्रा, सुरेश ममतानी, सयैद रूकुद्दीन को धारा 420 सहपठित धारा 120-बी भादवि मे 03-03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1,000-1000 अर्थदण्ड (प्रत्येक आरोपी को) एवं आरोपीगण विक्रय अधिकारी हरिहर प्रसाद मिश्रा, सुरेश ममतानी, पुष्टिकर्ता अधिकारी, को धारा 13-1 (डी) सहपठित 13 (2) पीसी एक्ट में प्रत्येक धारा में 3-3 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000-1000 रु अर्थदण्ड-, (प्रत्येक आरोपी को) से दण्डित का निर्णय पारित किया है। उक्त प्रकरण में शासन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी डॉ राम कुमार खत्री एवं श्रीमती हेमलता कुशवाहा द्वारा पैरवी की गई है।
घटना का संक्षिप्त विवरण :-
ग्राम बागोनिया तहसील हुजूर जिला भोपाल के कृषक अख्तर अली की भूमि को नीलामी प्रकिया का उल्लघंन कर उनकी भूमि बाजार मूल्य एवं कलेक्टर द्वारा निर्धारित मूल्य से अत्याधिक कम मूल्यो पर अवैधानिक रूप से नियम के विरुद्ध नीलामी कार्यवाही कर धोखाधाडी कर अपने पद का दुरुप्रयोग करते हुए नीलामी संबंधित नोटशीट के कूटरचित दस्तावेज तैयार कर पुष्टि हेतु संयुक्त पंजीयक सहकारी संस्थाएं भोपाल को भेजा गया, जहां उनके द्वारा अवैधानिक रूप से नीलामी की पुष्टि आदेश पारित किया गया। संयुक्त पंजीयक की विचारण के दौरान मृत्यु हो गयी थी, उक्त लिखित सूचना के आधार पर लोकायुक्त पुलिस द्वारा जाँच कर अपराध पंजीबद्ध किया गया। विवेचना उपरान्त अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया माननीय न्यायालय द्वारा अभियोजन साक्ष्य, दस्तोवजों, लिखित तर्कों से सहमत होते हुये आरोपीगण उक्त धाराओं से दण्डित किया गया।