राजगढ़, एमपी धमाका
कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में समय-सीमा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों, शिकायतों के निवारण, ई-ऑफिस उपयोग, ई-केवायसी, समय सीमा की शिकायतों, सीएम हेल्पलाईन तथा शासकीय योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में विभागों को स्पष्ट व समयबद्ध कार्य करने हेतु निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर डॉ. मिश्रा द्वारा बैठक में सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा की गई।
26 ग्राम पंचायत सचिवों पर 250-250 रूपए का जुर्माना
कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा समय-सीमा के बाहर लंबित प्रकरणों के कारण संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों पर कड़ी कार्रवाई की गई। जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र निर्धारित समय सीमा अवधि में जारी नहीं करने एवं प्रकरण अधिक समय तक लंबित रखने के कारण कुल 26 ग्राम पंचायत सचिवों पर प्रति शिकायत पर 250 - 250 रूपए का जुर्माना अधिरोपित किया गया।
साथ ही अर्थदंडित किए गए ग्राम पंचायतों के सचिव एवं पंचायत कर्मी शामिल हैं, जिनमें प्रमुख रूप से केशर सिंह भिलाला, हरिश कुमार वर्मा, भगवान सिंह राठौर, नरेंद्र कुमार पांडेय, विजय सिंह, भेरूसिंह, राजेंद्र रुहेला, दिनेश परमार, भगवान सिंह तोमर, कन्हैया लाल यादव, भगवतसिंह राठौर, राजेंद्र सिंह, मोहनलाल गुजराती, सागर सिंह गुर्जर, ब्रजभान सिंह, भेरूलाल भिलाला, श्रीराम गुर्जर सहित अन्य संबंधित अधिकारी/कर्मचारी शामिल हैं। कलेक्टर डॉ. मिश्रा द्वारा निर्देश दिए गए कि समय-सीमा का सख्ती से पालन किया जाना अनिवार्य है। भविष्य में किसी भी तरह की लापरवाही पाए जाने पर और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पिछली समीक्षा में खराब प्रदर्शन के कारण मत्स्य, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग, उद्यानिकी, कृषि एवं वन विभाग द्वारा लगाया गया जुर्माना अब तक जमा नहीं किया गया। इस पर कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने सख्त निर्देश दिए कि जुर्माना तत्काल जमा किया जाए, अन्यथा राशि दोगुनी कर दी जाएगी।
साथ ही सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के समय-सीमा में निराकरण को लेकर एल-1 अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए निर्देशित किया गया कि शिकायतों का प्राथमिक स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए, लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 50 दिवस से अधिक समय तक लंबित शिकायतों का संतोषजनक निराकरण करने पर कलेक्टर डॉ. मिश्रा ने सीएमएचओ की सराहना की। बैठक में ई-ऑफिस में रसीद निर्माण की समीक्षा की गई। समीक्षा में तहसीलदार सुठालिया, तहसीलदार सारंगपुर, सहायक संचालक नगर तथा ग्राम निवेश, खेल एवं युवा अधिकारी एवं तहसीलदार जीरापुर का ई-ऑफिस में रसीद निर्माण न्यूनतम पाया गया। संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
बैठक में फील्ड अधिकारियों की उपस्थिति सार्थक ऐप से दर्ज कराने के निर्देश दिए भी बैठक में दिए गए। पटवारी, सचिव एवं सीएचओ की उपस्थिति भी अनिवार्य रूप से सार्थक ऐप से प्रारंभ कराने के सख्त निर्देश दिए गए। पुरातत्व विभाग एवं एनएचएआई के अधिकारियों तथा पीडब्ल्यूडी ब्रिज के अधिकारी को समय सीमा बैठक में उपस्थित नहीं होने पर आगामी बैठक में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत होने के निर्देश दिए गए। साथ ही ईई पीएचई के समय सीमा बैठक में अनुपस्थित रहने पर स्पष्टीकरण तलब किया गया।
साथ ही कलेक्टर डॉ. मिश्रा द्वारा रोजगार मेले के आयोजन हेतु विस्तृत योजना एवं प्रस्तुतीकरण तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए जिला उद्योग केंद्र, कौशल विकास, एनआरएलएम, श्रम अधिकारी, एलएलडीएम, आरसेटी, आईटीआई एवं पॉलीटेक्निक कॉलेज को संयुक्त रूप से कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने पीओ डूडा से पट्टों की जानकारी ली तथा पोर्टल पर लंबित आवेदनों, नए आवेदनों एवं निराकृत प्रकरणों की समीक्षा की गई। पात्रता-अपात्रता को लेकर सभी एसडीएम को पट्टा प्रकरणों में त्वरित एवं नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर डॉ. मिश्रा द्वारा समय सीमा बैठक में पेंशन प्रकरणों में त्रुटियों से बचने हेतु कोषालय अधिकारी को पूर्ण सत्यापन कर प्रकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही कार्यपालन यंत्री जल संसाधन मोहनपुरा डेम अशोक दीक्षित को दूधी एवं शाहपुरा में मुआवजा राशि के संबंध में जांच प्रकरणों को लेकर डब्ल्यूआरडी को प्रकरण टीएल में पुटअप करने के निर्देश दिए गए। फर्जी व्यक्तियों के नाम पर मुआवजा निकाले जाने के मामलों को गंभीरता से लेने एवं आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।