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कृषि वर्ष-2026 में "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" के लक्ष्य को करें साकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


तीन साल का लक्ष्य निर्धारित कर गतिविधियां की जाएं संचालित


कृषि क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार, डिजिटल व्यवस्था सुनिश्चित कर प्रदेश के उत्पादों की राष्ट्रीय और वैश्विक उपस्थिति की जाए सुनिश्चित


किसान कल्याण और कृषि विकास से जुड़े सभी विभाग परस्पर समन्वय से करें कार्य
मुख्यमंत्री ने कृषि वर्ष-2026 में होने वाली गतिविधियों के संबंध में ली बैठक

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्ष-2026 को प्रदेश में कृषि वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। प्रदेश में विविध जलवायु जोन, पर्याप्त सिंचाई सुविधा, बेहतर रोड नेटवर्क उपलब्ध है। इसका लाभ लेकर किसानों की आय में वृद्धि और कृषि क्षेत्र में रोजगार सृजन के उद्देश्य आधारित गतिविधियां संचालित कर प्रदेश में "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" के लक्ष्य को साकार किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार आगामी कृषि वर्ष अंतर्गत कृषि और इससे जुड़े सहायक विषयों से संबंधित विभागों द्वारा तैयार की गई कार्य योजना की समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में समीक्षा के दौरान व्यक्त किए।

किसानों की आय में वृद्धि और रोजगार सृजन को प्रमुखता से लिया जाए

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि वर्ष-2026 में आरंभ की जा रही सभी गतिविधियां तीन साल का लक्ष्य निर्धारित कर संचालित की जाएं। किसानों की आय में वृद्धि और रोजगार सृजन के लिए कृषि यंत्रीकरण, कृषकों के क्षमता विकास के लिए प्रशिक्षण और भ्रमण कार्यक्रम, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना, उद्यानिकी विस्तार, एफपीओ निर्माण आधारित गतिविधियों को प्रमुखता दी जाए। इसके साथ ही सस्ती ब्याज दरों पर ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए माइक्रो इरीगेशन, बेहतर बाजार नेटवर्क, किसानों को उनके उत्पाद का वाजिब मूल्य दिलवाने, पशुपालन तथा मछली पालन जैसी गतिविधियों के लिए कृषकों को प्रेरित करने जैसे प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जलवायु के अनुकूल कृषि प्रबंधन, सस्टेनेबल एग्रीकल्चर, श्रीअन्न उत्पादन के प्रोत्साहन और जैव विविधता तथा परम्परागत कृषि ज्ञान के संरक्षण और प्राकृतिक और जैविक खेती के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार, डिजिटल व्यवस्था सुनिश्चित कर उनकी राष्ट्रीय और वैश्विक उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।

किसानों को कृषि में उन्नत राज्यों और देशों की यात्रा कराये

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि तथा संबद्ध क्षेत्रों में अन्य राज्यों में हो रहे सफल नवाचारों की जानकारी से किसानों को रू-ब-रू कराया जाए। इसके साथ ही किसानों को कृषि में उन्नत राज्यों और इजराइल तथा ब्राजील जैसे कृषि के क्षेत्र में नवाचार करने वाले देशों की यात्रा कराये। समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए किसान कल्याण, सहकारिता, पशुपालन एवं डेयरी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण, ऊर्जा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, मछुआ कल्याण और मत्स्य विकास तथा सिंचाई विभाग परस्पर समन्वय से कार्य करें।

प्रदेश के सभी जिलों में फूलों की खेती को करे प्रोत्साहित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में होने वाले गुलाब महोत्सव को पुष्प महोत्सव के रूप में आयोजित किया जाए। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों में उत्पादित होने वाले अन्य फूलों को भी शामिल किया जाए तथा सभी जिलों में फूलों की खेती को प्रोत्साहित किया जाए। बैठक में बताया गया कि वर्ष-2028 का "इंटरनेशनल रोज़ कॉम्पीटिशन" भोपाल में होना प्रस्तावित है। यह भी बताया गया कि सिंहस्थ : 2028 को देखते हुए उज्जैन जिले के 100 एकड़ क्षेत्र में फूलों की खेती को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पराली निष्पादन के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एफपीओ को दुग्ध उत्पादन गतिविधियों से भी जोड़ा जाए। बैठक में सहकारिता से कृषि क्षेत्र में आरंभ स्टार्ट अप को प्रोत्साहित करने की भी आवश्यकता बताई गई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में कृषि वर्ष-2026 के अंतर्गत राज्य में होने वाले प्रस्तावित कार्यक्रम की जानकारी प्रस्तुत की गई ।

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