तिल-गुड़ की मिठास में ,
घुल जाए जैसे संसार..
धीमे-धीमे पवन चली
माघ माह की शुरुवात ओ..
उत्तरायण हो रहे सूर्य देव
आया संक्रांति पर्व त्यौहार..
मकर संक्रांति साथ लाए
उमंग संग खुशियों की बहार।।
बीते दुखों,अतीत छोड़ अब ,
नवीन सृजन संग ही अपने ,
नए सपनों के बीज बोए जाएं
शुभ संक्रांति की ऊर्जा जीवन में
सकारात्मकता संग खुशहाली लाए...
स्वास्थ्य, समृद्धि, शांति मिले सबको .
मिले जीवन दिशा ,समृद्धि , उजास..
मकर संक्रांति का महत्तम ही है खास।।
आशी प्रतिभा ( स्वतंत्र लेखिका)
मध्य प्रदेश, ग्वालियर,भारत