Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS

अपर कलेक्टर पर भारी... विदिशा अनुविभागीय अधिकारी..!




अपर कलेक्टर के आदेश का एसडीएम ने नहीं किया पालन 

विदिशा, दीपक तिवारी 

कुछ दिन पूर्व ही जिला प्रशासन ने सुशासन सप्ताह मनाकर आम जनता को यह समझाने की कोशिश की थी, कि सरकार आम जनता की हर समस्या सुनते और सुलझाने के लिए तत्पर है। किसी को समस्या के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। लेकिन कुछ अधिकारी अपने वरिष्ठ अधिकारी के आदेश और निर्देशों का पालन न कर सरकार की मंशा पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं।
विदिशा के अपर कलेक्टर ने 1 महीने पहले आदेश पारित कर विदिशा एसडीएम को प्रावधान के अनुसार कार्यवाही न करने का दोषी ठहराकर वांछित जानकारी अपीलार्थी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे लेकिन विदिशा एसडीएम ने अपर कलेक्टर के आदेश का आज तक पालन नहीं किया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कनिष्ठ अधिकारी वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों और आदेशों का किस तरह मखौल उड़ाते हैं और कागजों में सुशासन का डंका पीटते हैं।

यह है पूरा मामला, जिसे अपर कलेक्टर कोर्ट में दी थी चुनौती 

एमपी धमाका ने विदिशा के एसडीएम कार्यालय से लोक सूचना अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय अधिकारी की आवश्यक जानकारी देने कार्यालय में लगे सूचना पटल की जानकारी आरटीआई एक्ट के तहत मांगी थी। समय सीमा में एसडीएम द्वारा जानकारी उपलब्ध न कराने पर अपर कलेक्टर के समक्ष प्रथम अपील प्रस्तुत की थी। अपर कलेक्टर ने एमपी धमाका की अपील स्वीकार कर एसडीएम को वांछित जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन इस आदेश का एसडीएम द्वारा आज तक पालन नहीं किया गया। 

पहले प्रावधान का पालन नहीं और अब आदेश का उल्लंघन 

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि विदिशा एसडीएम ने जो जानकारी अपने कार्यालय से उपलब्ध कराना थी और उनके कार्यालय से ही संबंधित थी। उसे जानकारी का आवेदन नियमों के विपरीत विदिशा शहर तहसीलदार को अंतरित कर दिया। इसे अपर कलेक्टर कोर्ट ने  प्रावधान के विपरीत बताते हुए एसडीएम को जानकारी उपलब्ध कराने का आदेश पारित किया, लेकिन विदिशा एसडीएम ने अपर कलेक्टर कोर्ट के आदेश की परवाह नहीं की।

 
एसडीएम कार्यालय में नहीं लिया जाता नगद शुल्क 

विदिशा के एसडीएम कार्यालय में सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा है। कार्यालय में आरटीआई के तहत नगद शुल्क न लेकर आवेदकों को ऑनलाइन शुल्क जमा करने कहा जाता है। विदिशा के एक वरिष्ठ चिकित्सक से जानकारी के लिए एसडीएम कार्यालय पहुंचे तो नगद शुल्क लेने से इनकार कर दिया गया। जबकि प्रत्येक सरकारी कार्यालय में नगद शुल्क जमा होना चाहिए। एमपीटीसी रसीद कट्टा न होने का बहाना बनाकर आवेदकों को परेशान किया जाता है।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |