नटेरन में श्रीराम जानकी मंदिर से तहसील कार्यालय तक पैदल मार्च, ‘जय जय श्रीराम’ के नारों से गूंजा नटेरन
विदिशा, एमपी धमाका
कुछ दिन पूर्व सिरोंज में सार्वजनिक कार्यक्रम में भगवान श्रीराम पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद नटेरन क्षेत्र में रघुवंशी एवं समस्त हिंदू समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। पुलिस द्वारा अब तक मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न किए जाने और रासुका के तहत कार्रवाई न होने से लोगों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है।
रविवार को बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग सबसे पहले नटेरन स्थित श्रीराम जानकी मंदिर पर एकत्रित हुए। इसके पश्चात सभी लोग संगठित रूप से पैदल मार्च करते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे। जैसे ही जुलूस तहसील परिसर में पहुंचा, पूरा परिसर ‘जय जय श्रीराम’ के नारों से गूंज उठा, जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय और आक्रोशपूर्ण हो गया।
प्रदर्शनकारियों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर नायब तहसीलदार पीयूष जैन को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि मुख्य आरोपी द्वारा भगवान राम और माता सीता के विरुद्ध की गई टिप्पणी से हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया कि आरोपी ने गत दिनों पहले सिरोंज में भीम आर्मी के एक कार्यक्रम के दौरान भी अभद्र टिप्पणी की थी, लेकिन उस समय भी कोई कठोर कार्रवाई नहीं हुई।
हिंदू समाज के लोगों का कहना है कि कुछ लोग लगातार इस तरह के बयान देकर समाज में वैमनस्य फैलाने और शांति व्यवस्था को बिगाड़ने का कार्य कर रहा है। यदि ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में सामाजिक सौहार्द को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मुख्य आरोपी दीपक बौद्ध को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रासुका के तहत प्रकरण दर्ज किया जाए।
तथा अन्य संलिप्त लोगों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाए।
हिंदू समाज ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। जिसका जिम्मेदार शासन प्रशासन होगा।
ज्ञापन देने वालो में जिला अध्यक्ष मोहर सिंह रघुवंशी, सुशील जैन, गुलाब सिंह, भूपेन्द्र सिंह, रामकृष्ण रघुवंशी, जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि यशपाल रघुवंशी, संग्राम सिंह, इंदर सिंह यादव, बालमुकुंद तिवारी, निरंजन रघुवंशी, भगत सिंह, मुकेश सिंह, गोपाल पटेल, भारत सिंह, रामबाबू सिंह, राजकुमार सिंह, राजू पटेल, धर्मेन्द्र रघुवंशी, अरुण रघुवंशी, रामसेवक रघुवंशी, बलबीर रघुवंशी, राजू मामा, विशशु रघुवंशी, अखलेश रघुवंशी, संतोष पटेल, सुमित रघुवंशी आदि सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।