श्रम विभाग की योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाएं
पोषण ट्रैकिंग में प्रगति न लाने पर सागर, टीकमगढ़, दमोह एवं पन्ना के परियोजना अधिकारियों की दो-दो वेतन वृद्धि रोकने के नोटिस जारी करें
गर्भवती माताओं के सभी परीक्षण समय पर कराएं
सागर, एमपी धमाका
कुपोषित बच्चों को पोषणयुक्त भोजन के साथ पोषण पुनर्वास केंद्र में इलाज सुनिश्चित करने, श्रम विभाग की योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुँचाने, पोषण ट्रैकिंग में प्रगति न लाने पर सागर, टीकमगढ़, दमोह एवं पन्ना के परियोजना अधिकारियों की दो-दो वेतन वृद्धि रोकने के नोटिस जारी करने तथा गर्भवती माताओं के सभी परीक्षण समय पर कराने के निर्देश कमिश्नर अनिल सुचारी ने मासिक समीक्षा बैठक में दिए। इस अवसर पर संयुक्त आयुक्त राजेश शुक्ला सहित स्वास्थ्य, श्रम एवं महिला-बाल विकास विभाग के संभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
संभाग कमिश्नर श्री सुचारी ने सागर संभाग के समस्त स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा अधिकारियों तथा महिला एवं बाल विकास एवं श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य विभाग एवं महिला-बाल विकास विभाग द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं का बेहतर से बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित कर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि सागर संभाग के सभी स्वास्थ्य केंद्रों एवं महिला-बाल विकास विभाग द्वारा संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से मरीजों, महिलाओं एवं बच्चों को बेहतर उपचार एवं संदर्भ सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
संभाग आयुक्त ने निर्देश दिए कि जिला स्तर पर आयोजित होने वाली रोगी कल्याण समिति एवं पोषण समिति की बैठकें अनिवार्य रूप से निर्धारित समय-सीमा में आयोजित की जाएं। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण एवं टीकाकरण समय-समय पर सुनिश्चित करने तथा आवश्यक संदर्भ सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। महिलाओं में एनीमिया एवं ब्लड प्रेशर की जांच तथा उपचार की समुचित व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए।
संभाग आयुक्त श्री सुचारी ने कहा कि सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर मध्यान्ह भोजन एवं नाश्ते के बीच पर्याप्त अंतर रखा जाए तथा पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने श्रम विभाग को ई-स्कूटर योजना सहित अन्य जनहितकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने एवं पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। साथ ही संबल योजना एवं भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को अंत्येष्टि सहायता, सामान्य मृत्यु, दुर्घटना मृत्यु एवं स्थायी अपंगता की स्थिति में देय राशि समय पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।