सैकड़ों फिल्मों में अभिनय कर एक्टिंग का लोहा मनवा चुके बालीवुड के धाकड़ अभिनेता गोविंद नामदेव ने फिल्म बेंडिट क्वीन से जुड़ा एक बेहद मार्मिक किस्सा सुनाया।
उन्होंने एमपी धमाका को बताया कि फिल्म बेंडिट क्वीन की कॉस्ट्यूम डिजाइनर डॉली अहलूवालिया ने निर्देशक शेखर कपूर से कहा कि वह असली वाली फूलन देवी से मिलना चाहती हैं, ताकि उनके जीवन और व्यक्तित्व को ठीक से समझ सकें। अनुमति मिलने के बाद वह फूलन देवी से मिलने पहुंचीं।
मुलाकात के दौरान डॉली ने उनसे एक सीधा सवाल किया।
उन्होंने पूछा, “क्या मैं जान सकती हूँ कि ऐसा भी क्या बवाल कटा था कि जिसकी वजह से आपने उन 24 लोगों को एक लाइन में खड़ा कर गोली मार दी?”
यह सवाल सुनकर फूलन देवी ने अपने जीवन की दर्दनाक कहानी बतानी शुरू की। उन्होंने बताया कि किस तरह बचपन से ही उनके साथ अन्याय और शोषण हुआ। शादी के बाद पति द्वारा किए गए अत्याचार, और फिर गांव के लोगों द्वारा एक एक करके किए गए एक एक बलात्कार, एक के बाद एक वे सब कुछ बताती चली गईं।
इतना सुनते-सुनते डॉली अहलूवालिया की आंखों से आंसू निकल आए। वो रोने लगी। शायद उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी कि आखिर पूरा गांव कैसे किसी महिला के साथ रेप कर सकता है।
उन्हें रोता देख फूलन देवी ने लगभग झुंझलाते हुए कहा, “रो क्यों रही हो री? अभी तो मैंने आधी बात ही बताई है। अगर पूरी कहानी सुनेगी तो क्या हाल होगा?”
फिर उन्होंने एक ऐसा दृश्य दिखाया जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को अंदर तक हिला दिया। फूलन देवी ने अपनी छाती की ओर इशारा करते हुए कहा, “देखो… यहां ये गहरे निशान हैं।”
उन्होंने बताया कि उन दरिंदों ने केवल बलात्कार ही नहीं किया, बल्कि उनकी छाती के मांस को तक नोंच लिया था।
एक पॉडकास्ट को दिए इंटरव्यू में एक्टर गोविंद नामदेव के मुताबिक, यह पल इतना दर्दनाक था कि उसे सुनकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उस मुलाकात ने डॉली अहलूवालिया को यह समझा दिया कि फूलन देवी की कहानी केवल बदले की कहानी नहीं थी, बल्कि वर्षों के अपमान, हिंसा और असहनीय यातना से भरे जीवन की कहानी थी।
पर आज सुकून है, अब ऐसा नहीं होता क्योंकि अब बहुत सारे दल, परिषद और वाहिनी नाम से समाजसेवी संगठन बने हुए हैं जो भारत की ग्रामीण महिलाओं को सम्मान देने और न्याय दिलाने हेतु प्रतिबद्ध हैं। आपको बता दें कि मशहूर एक्टर गोविंद नामदेव सागर बुंदेलखंड के रहने वाले हैं।