विदिशा, एमपी धमाका
जिला विदिशा में नरवाई प्रबंधन को लेकर जागरूकता गतिविधियां लगातार संचालित की जा रही हैं। कलेक्टर अंशुल गुप्ता के निर्देशानुसार जिले में नरवाई जलाने की घटनाओं को रोकने तथा किसानों को इसके दुष्परिणामों से अवगत कराने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में विकासखंड नटेरन के ग्राम आमखेड़ा कालू में बाइब्रेंट ग्रामसभा के अंतर्गत नरवाई प्रबंधन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नायब तहसीलदार पीयूष जैन की उपस्थिति में ग्राम के किसानों को नरवाई न जलाने के लिए प्रेरित किया गया तथा सभी को शपथ दिलाई गई।
नायब तहसीलदार श्री जैन ने किसानों को संबोधित करते हुए बताया कि नरवाई जलाने से मिट्टी में मौजूद लाभकारी सूक्ष्म जीव एवं आवश्यक पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति घटती है और भूमि की गुणवत्ता प्रभावित होती है। इसके परिणामस्वरूप आगामी फसल उत्पादन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने किसानों को नरवाई जलाने पर लागू दंडात्मक प्रावधानों की जानकारी देते हुए इससे बचने की अपील की।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय कृषि विस्तार अधिकारी राघवेंद्र अहिरवार ने नरवाई प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को एसएमएस (सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम) युक्त हार्वेस्टर से फसल कटाई कराने के लिए प्रेरित किया तथा खेतों में आग न लगाने की समझाइश दी। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि खेतों में बचे फसल अवशेषों का उपयोग नजदीकी गौशालाओं में चारे के रूप में भी किया जा सकता है।
इस अवसर पर किसानों को उन्नत कृषि यंत्रों के उपयोग की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में राजस्व, कृषि एवं अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।