विदिशा, एमपी धमाका
प्रभारी कलेक्टर अनिल कुमार डामोर की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जिले की यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा कर अनेक जनहितैषी निर्णय लिए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रभारी कलेक्टर श्री डामोर ने कहा कि जिले में यातायात व्यवस्थाएं निर्विघ्न एवं सुचारू रूप से संचालित हों, यही प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों एवं लिए गए निर्णयों के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा की। विभिन्न विभागों द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी बैठक में प्रस्तुत की गई।
प्रभारी कलेक्टर ने विशेष रूप से सड़कों पर विचरण करने वाले मवेशियों की समस्या को गंभीर बताते हुए निर्देश दिए कि राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर पशुओं की आवाजाही रोकने के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके लिए हाईवे किनारे स्थित ग्रामों में शासकीय भूमि चिन्हित कर पशु शेड निर्माण की कार्रवाई संबंधित निर्माण एजेंसियों एवं विभागों को सौंपने के निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि विदिशा नगर के प्रमुख चौराहों एवं तिराहों पर ऑटो-रिक्शा स्टैंड के लिए स्थलों का चिन्हांकन किया जा रहा है। वहीं नगर पालिका द्वारा शहर में संचालित सब्जी एवं हाथ ठेला विक्रेताओं का सर्वे कराया गया, जिसमें 1258 ठेला विक्रेताओं की जानकारी दर्ज की गई है।
यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई के तहत रात्रिकालीन समय में भूसा परिवहन करने वाले 170 वाहनों के चालान बनाए गए हैं। प्रभारी कलेक्टर ने निर्देश दिए कि परिवहन नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों एवं भूसा व्यापारियों के लाइसेंस निलंबन संबंधी कार्रवाई का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि लोगों में जागरूकता बढ़े।
बैठक में जिले के कुआंखेड़ी एवं महलुआ चौराहा को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित किए जाने की जानकारी भी दी गई। इन स्थलों पर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष सुरक्षा उपाय किए जाएंगे।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत चौबे ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए लोगों को जागरूक करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मार्गों पर संकेतक बोर्ड, रम्बल ब्रेकर, रेडियम पट्टियां एवं फ्लेक्स आदि अधिक संख्या में लगाए जाएं ताकि वाहन चालक सतर्क रह सकें।
बैठक में जिन प्रमुख एजेंडा बिंदुओं पर चर्चा की गई उनमें ‘जीरो फेटेलिटी कार्यक्रम’ के प्रभावी क्रियान्वयन, नगरीय क्षेत्र में ऑटो-रिक्शा स्टैंड चिन्हांकन, नगर पालिका सीमा क्षेत्र में भारी वाहनों के प्रवेश हेतु समय निर्धारण, शहर के मार्गों पर चेतावनी एवं सूचना बोर्ड लगाने, विवेकानंद चौराहा से रंगई एवं अग्रवाल स्कूल तक मैरिज गार्डनों के कारण लगने वाले जाम की समस्या तथा नवीन पाइपलाइन खुदाई के बाद सड़कों की मरम्मत कार्यों की समीक्षा शामिल रही।
बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सड़क सुरक्षा एवं यातायात सुधार से जुड़े कार्यों में समन्वय के साथ तेजी लाई जाए, जिससे आमजन को सुरक्षित एवं व्यवस्थित यातायात व्यवस्था उपलब्ध हो सके।