टीकमगढ़, एमपी धमाका
सामाजिक वानिकी वृत्त सागर अंतर्गत टीकमगढ़ जिले की पिपरोट नर्सरी का निरीक्षण करने पहुंचे सागर संभाग के कमिश्नर अनिल सुचारी ने यहां विकसित अधोसंरचना और व्यवस्थाओं को देखकर खुशी जाहिर की। नर्सरी में पौध उत्पादन, संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन के लिए तैयार की गई व्यवस्थाओं की उन्होंने सराहना की।
निरीक्षण के दौरान डिप्टी रेंजर पवन तिवारी ने कमिश्नर को नर्सरी में उपलब्ध विभिन्न इकाइयों और सुविधाओं की जानकारी दी। यहां ग्रीन हाउस, पॉली हाउस, वर्मी पिट्स, सीड ट्रीटमेंट प्लेटफॉर्म, मिस्ट चैंबर, पौधा विक्रय केंद्र, बीज गोदाम, मिट्टी परीक्षण केंद्र, सोलर सिस्टम और वन रक्षक भवन जैसी कई सुविधाएं विकसित की गई हैं।
कमिश्नर ने कहा कि पिपरोट नर्सरी पर्यावरण संरक्षण और पौध उत्पादन के क्षेत्र में एक अच्छा मॉडल बनकर उभरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पौधों की गुणवत्ता और संरक्षण कार्यों को और बेहतर बनाया जाए ताकि आम लोगों को भी इसका लाभ मिल सके।
निरीक्षण के दौरान तहसीलदार समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
रोपणी पिपरोट बना आधुनिक नर्सरी का माडल
रोपणी पिपरोट अब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नर्सरी के रूप में विकसित हो चुकी है। यहां वर्ष 2018-19 से लेकर 2023-24 तक चरणबद्ध तरीके से विभिन्न अधोसंरचनाओं का निर्माण किया गया है, जिससे पौध उत्पादन और संरक्षण कार्यों को नई गति मिली है।
नर्सरी परिसर में प्रभारी पवन तिवारी की कार्यकुशलता से ग्रीन हाउस, पॉली हाउस, वर्मी पिट्स, सीड ट्रीटमेंट प्लेटफॉर्म, मिस्ट चैंबर, पंप हाउस, स्टोर रूम, लेबर शेड और पौधा विक्रय केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इसके अलावा पक्के बेड, बीज गोदाम, सेंट्रल गोदाम, सोलर सिस्टम, मृदा परीक्षण केंद्र एवं वन रक्षक भवन का निर्माण भी कराया गया है।
वर्ष 2021-22 और 2022-23 में अधिकांश निर्माण कार्य पूरे किए गए, जबकि वर्ष 2023-24 में अतिरिक्त पक्के बेड यूनिट एवं वन रक्षक भवन का निर्माण किया गया। नर्सरी में 100 मीटर आंतरिक सड़क का निर्माण भी किया गया है, जिससे संचालन और परिवहन कार्य आसान हुए हैं।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन सुविधाओं के विकसित होने से पौधों की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के अभियान को मजबूती मिलेगी।