विदिशा, एमपी धमाका
सिरोंज-लटेरी विधानसभा क्षेत्र में जर्जर स्कूल भवनों और खतरनाक शासकीय परिसरों को लेकर भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने बड़ा मुद्दा उठाया है। विधायक ने जिलाधीश विदिशा को कहा है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
विधायक उमाकांत शर्मा ने कहा कि जिले के कई प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों की हालत बेहद खराब है। कहीं छतों से प्लास्टर झड़ रहा है तो कहीं भवन पूरी तरह कमजोर हो चुके हैं। कई स्कूल भवन ऐसे हैं जिन्हें अभी तक जीर्ण-शीर्ण घोषित तक नहीं किया गया। सबसे गंभीर बात यह है कि कई स्थानों पर आंगनवाड़ी केंद्र भी ऐसे ही खतरनाक भवनों में संचालित हो रहे हैं।
उन्होंने प्रशासन से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विशेष सर्वे अभियान चलाने की मांग करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा से बड़ा कोई विषय नहीं हो सकता। लापरवाही की कीमत मासूमों की जिंदगी से नहीं चुकाई जा सकती।
विधायक ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनहितकारी सोच का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की मंशा जनसुरक्षा और जनकल्याण की है, इसलिए प्रशासन को भी संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
उमाकांत शर्मा ने सिरोंज की पुरानी तहसील परिसर सहित कई जर्जर शासकीय भवनों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि अनेक भवन शासकीय मापदंडों के अनुसार पूरी तरह खतरनाक हो चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक डिस्मेंटल नहीं किया गया। यह स्थिति कभी भी बड़ी जनहानि का कारण बन सकती है।
विधायक ने दावा किया कि वे पूर्व में एसडीएम हरिशंकर विश्वकर्मा, पूर्व एडीएम हर्षल चौधरी, सीएमओ सिरोंज और अन्य अधिकारियों को मौके पर ले जाकर स्थिति दिखा चुके हैं, इसके बावजूद समाधान नहीं हुआ।
अब सवाल यही उठ रहा है कि आखिर प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है?
जनप्रतिनिधि ने अपनी जिम्मेदारी निभा दी, अब निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिक गई हैं।