जिला आयुष अधिकारी के नोटिस पर उठे सवाल, व्यवस्था पर फिर खड़े हुए प्रश्न
विदिशा, एमपी धमाका
जिला आयुष अधिकारी द्वारा ऑनलाइन निरीक्षण में अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों को तीन दिन के भीतर स्वयं जिला कार्यालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का नोटिस जारी किया गया है। लेकिन इस आदेश के औचित्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारों का कहना है कि जिन कर्मचारियों पर ड्यूटी के समय अनुपस्थित रहने का आरोप है, उन्हें जिला कार्यालय बुलाने से वे एक और दिन अपने-अपने औषधालयों से दूर रहेंगे। इसका सीधा असर ग्रामीण क्षेत्रों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि संबंधित कर्मचारियों को पहले अपने निर्धारित स्वास्थ्य केंद्र पर नियमित ड्यूटी करने के निर्देश दिए जाने चाहिए थे और ड्यूटी समाप्त होने के बाद या ऑनलाइन माध्यम से स्पष्टीकरण लिया जा सकता था। इससे मरीजों की स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित नहीं होतीं और विभागीय कार्रवाई भी जारी रहती।
बड़ा सवाल यह है कि क्या अनुशासनात्मक कार्रवाई के नाम पर मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित होना उचित है? ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से चिकित्सकों और कर्मचारियों की कमी के बीच ऐसा आदेश स्वास्थ्य व्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है।
एमपी धमाका का सवाल:
क्या जिला आयुष अधिकारी का यह नोटिस मरीजों के हित में है, या इससे स्वास्थ्य सेवाएं एक दिन और प्रभावित होंगी?