विदिशा, एमपी धमाका
जिले में साइबर अपराधों के खिलाफ अब गांव स्तर पर भी मजबूत जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसी कड़ी में विदिशा जिला पंचायत ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में "साइबर मित्र" नियुक्त करने का बड़ा संकल्प लिया है, जो ग्रामीणों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड और डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव के लिए जागरूक करेंगे।
रवीन्द्र नाथ टैगोर ऑडिटोरियम में आयोजित पुलिस विभाग के साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान के समापन समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता कैलाश रघुवंशी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता भोपाल आईजी श्रीमती रुचिवर्धन मिश्र द्वारा की गई, जबकि जिला कलेक्टर अंशुल गुप्ता, पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के नागरिकों ने बड़ी संख्या में भागीदारी की।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि जिले के प्रत्येक विकासखंड के हायर सेकेंडरी स्कूलों और ग्राम पंचायतों में चलाया जा रहा साइबर जागरूकता अभियान बेहद सराहनीय है। इसका उद्देश्य ग्रामीण नागरिकों को डराना नहीं, बल्कि उन्हें डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के तरीके सिखाना है। इंटरनेट और ऑनलाइन सेवाओं के बढ़ते उपयोग के बीच साइबर सुरक्षा की जानकारी अब हर व्यक्ति के लिए जरूरी हो गई है।
जिला पंचायत का बड़ा संकल्प
जिला पंचायत अध्यक्ष ने घोषणा की कि विदिशा जिले की सभी ग्राम पंचायतों में "साइबर मित्र" नियुक्त किए जाएंगे। गांव के ही तकनीकी रूप से सक्षम और जागरूक युवक-युवतियों को यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जो अपने-अपने गांव में लोगों को डिजिटल फ्रॉड से बचाव, सुरक्षित ऑनलाइन लेनदेन और साइबर अपराधों की शिकायत दर्ज कराने की जानकारी देंगे।
लोगों से की गई ये अपील
किसी भी व्यक्ति को फोन पर OTP, बैंक खाता या एटीएम संबंधी जानकारी साझा न करें।
"डिजिटल अरेस्ट" के नाम पर डराने या पैसे मांगने वालों से सावधान रहें और तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
सोशल मीडिया पर जन्मतिथि, पता और बैंक संबंधी जानकारी सार्वजनिक करने से बचें।
परिवार के बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को साइबर ठगी के तरीकों के बारे में लगातार जागरूक करें।
कार्यक्रम के अंत में जिला पंचायत अध्यक्ष ने साइबर सुरक्षा अभियान को सफल बनाने के लिए विदिशा पुलिस और जिला प्रशासन की टीम की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि संयुक्त प्रयासों से विदिशा को साइबर सुरक्षित जिला बनाया जा सकेगा।