निलंबित सब इंजीनियर ने खोली कथित कमीशनखोरी की पोल, बताए कमीशन के प्रतिशत
एमपी धमाका
सतना जिले के एक निलंबित उप यंत्री (सब इंजीनियर) द्वारा जारी वीडियो ने पंचायत और निर्माण कार्यों में कथित कमीशनखोरी को लेकर नई बहस छेड़ दी है। वीडियो में उन्होंने दावा किया है कि ग्राम पंचायतों में होने वाले निर्माण कार्यों के दौरान विभिन्न स्तरों पर कमीशन लिया जाता है और इसके लिए कथित तौर पर प्रतिशत तक तय होते हैं।
वीडियो में निलंबित उप यंत्री ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्यों और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान सरपंच, सचिव, जीआरएस, सहायक यंत्री तथा उप यंत्री और भोपाल स्तर तक कमीशन की व्यवस्था प्रचलित है। उन्होंने दावा किया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर इसका सीधा असर पड़ता है।
उप यंत्री के इन आरोपों के सामने आने के बाद पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है तो यह मामला ग्रामीण विकास योजनाओं और सरकारी धन के उपयोग से जुड़ा एक गंभीर विषय साबित हो सकता है।
हालांकि, वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित विभाग या अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की निष्पक्ष जांच होने पर ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
अब देखना यह होगा कि शासन और प्रशासन इस वीडियो में लगाए गए आरोपों को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या मामले की जांच कराई जाती है या नहीं?