अति कम वजन और अति गंभीर कुपोषित बच्चों के लिए संशोधित रेसिपी, पोषण मानक एवं दरें लागू; तीन माह की अंतरिम व्यवस्था के निर्देश
विदिशा, एमपी धमाका
मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के अंतर्गत जिले में अति गंभीर कुपोषित एवं अति कम वजन बच्चों को अतिरिक्त पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराने की व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा भारत सरकार के संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुरूप इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं।
जारी निर्देशों के अनुसार अब अति कम वजन (SUW) बच्चों को भी अति गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चों के समान अतिरिक्त पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए हितग्राही के आधार पर वित्तीय मानक एवं रेसिपी में संशोधन किया गया है। अतिरिक्त पोषण आहार स्थानीय स्तर पर तैयार कर टेक होम राशन के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा। यह व्यवस्था स्थायी टेक होम राशन व्यवस्था प्रारंभ होने तक तीन माह की अवधि के लिए प्रभावी रहेगी।
आयु वर्ग के अनुसार बच्चों को मिलेगा लाभ
निर्देशों के तहत 6 माह से 5 वर्ष तक के SAM बच्चों तथा 6 माह से 6 वर्ष तक के SUW बच्चों को आयु आधारित संशोधित रेसिपी के अनुसार अतिरिक्त पोषण आहार उपलब्ध कराया जाएगा। संशोधित रेसिपी, पोषण मानक एवं दरें शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप लागू होंगी।
पोषण ट्रैकर के आधार पर तैयार होगा प्रदाय आदेश
आंगनवाड़ी केंद्रों पर दर्ज SAM एवं SUW बच्चों की संख्या के आधार पर आगामी माह के लिए अतिरिक्त पोषण आहार की आवश्यकता निर्धारित की जाएगी। इसके लिए पोषण ट्रैकर में उपलब्ध पूरक पोषण आहार प्रोजेक्शन रिपोर्ट का उपयोग किया जाएगा। बाल विकास परियोजना अधिकारी स्तर से संबंधित समूहों को आंगनवाड़ी केंद्रवार प्रदाय आदेश उपलब्ध कराया जाएगा।
समूहों को परियोजना स्तर से प्राप्त आदेश के अनुसार संबंधित आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए अतिरिक्त पोषण आहार तैयार करना होगा। निर्धारित रेसिपी के अनुसार माह में 1 से 3 तारीख तथा 16 से 18 तारीख के बीच दो सप्ताह के लिए 12 दिवस का पोषण आहार उपलब्ध कराया जाएगा। समूह द्वारा तैयार रेसिपी के 6 दिवस के उपयोग के अनुसार बच्चेवार पैकेट तैयार कर आंगनवाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
साप्ताहिक फॉलोअप और रिपोर्टिंग अनिवार्य
SAM एवं SUW बच्चों को प्रत्येक सप्ताह दिए जाने वाले अतिरिक्त पोषण आहार की जानकारी की रिपोर्टिंग संपर्क ऐप के C-MAM मॉड्यूल में की जाएगी। इसके साथ बच्चों का साप्ताहिक फॉलोअप भी दर्ज किया जाएगा, ताकि कुपोषित एवं अति कम वजन वाले बच्चों की पोषण स्थिति की नियमित निगरानी की जा सके।
कच्ची सामग्री के लिए अलग से राशि नहीं
रेसिपी तैयार करने के लिए आवश्यक कच्ची सामग्री की खरीदी के लिए पृथक से कोई अतिरिक्त राशि उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। कच्ची सामग्री, परिवहन सहित अन्य सभी संबंधित व्यय निर्धारित रेसिपी की कुल स्वीकृत व्यय सीमा में ही शामिल रहेंगे। इस प्रकार निर्धारित वित्तीय मानक के भीतर ही अतिरिक्त पोषण आहार की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
पैकेट पर स्पष्ट होगी विशेष पहचान
अतिरिक्त पोषण आहार के प्रत्येक पैकेट पर स्पष्ट रूप से उल्लेख करना अनिवार्य होगा कि “यह व्यंजन केवल अति गंभीर कुपोषित (SAM) एवं अति कम वजन (SUW) श्रेणी के बच्चों के प्रति दिन उपयोग हेतु” है। इसके साथ पैकेट पर रेसिपी का नाम, वजन, निर्माण तारीख सहित आवश्यक जानकारी भी प्रदर्शित की जाएगी। आहार निर्माण में साफ-सफाई, भुगतान, नमूना जांच सहित अन्य प्रक्रियाएं 28 जुलाई 2026 को जारी निर्देशों के अनुसार सुनिश्चित की जाएंगी।
जिला पोषण समिति में होगी नियमित समीक्षा
शासन ने जिला स्तर पर अधिकारियों एवं मैदानी अमले को निर्देशित किया है कि SAM एवं SUW श्रेणी के बच्चों को अतिरिक्त पोषण आहार का नियमित एवं निर्धारित मापदंडों के अनुरूप वितरण सुनिश्चित किया जाए। 6 माह से 5 वर्ष के SAM तथा 6 माह से 6 वर्ष के SUW बच्चों को अतिरिक्त पोषण आहार उपलब्ध कराने की पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी।
जिला पोषण समिति द्वारा अतिरिक्त पोषण आहार वितरण की नियमित समीक्षा की जाएगी तथा आवश्यकता के अनुसार संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य कुपोषण की स्थिति वाले बच्चों को अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराकर उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार लाना है।शासन के निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले में SAM एवं SUW बच्चों की पहचान, नियमित पोषण सहायता, फॉलोअप एवं निगरानी को और अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।