मुंबई। हिंदी सिनेमा की प्रतिष्ठित फिल्म 'कर्मा' के 40 वर्ष पूरे होने पर अभिनेता अनुपम खेर ने पोस्ट साझा करते हुए फिल्म से जुड़ी यादों को ताजा किया। उन्होंने कहा कि 'सारांश' ने उन्हें एक अभिनेता के रूप में पहचान दिलाई, लेकिन 'कर्मा' ने उन्हें व्यावसायिक सिनेमा का लोकप्रिय सितारा बना दिया।
अनुपम खेर ने फिल्म के निर्माता-निर्देशक सुभाष घई का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने उन पर भरोसा जताकर डॉ. डैंग जैसा यादगार किरदार निभाने का अवसर दिया, जिसने उनके करियर की दिशा ही बदल दी।
उन्होंने अपनी पोस्ट में महान अभिनेता दिलीप कुमार के साथ काम करने के अनुभव को अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताया। उन्होंने लिखा कि दिलीप कुमार के साथ स्क्रीन साझा करना, उनके अभिनय, खामोशी, ठहराव और व्यक्तित्व से सीखना उनके लिए किसी पुरस्कार से कम नहीं था।
अनुपम खेर ने फिल्म का चर्चित संवाद "इस थप्पड़ की गूँज सुनी तुमने, डॉ. डैंग?" भी याद किया और कहा कि 'कर्मा' ने उन्हें केवल सफलता ही नहीं, बल्कि जीवनभर संजोने लायक अनमोल यादें भी दीं।
पोस्ट के अंत में उन्होंने 'कर्मा' की पूरी टीम को 40 वर्ष पूरे होने की शुभकामनाएं देते हुए लिखा— "कुछ फिल्में सफलता देती हैं, कुछ यादें... लेकिन 'कर्मा' ने मुझे दोनों दिए। जय हो!"
फोटो- अभिनेता अनुपम खेर और एमपी धमाका संपादक दीपक तिवारी की यादगार मुलाकात।