एमपी धमाका, विदिशा
विदिशा जिला पंचायत में आयोजित होने वाली बैठकों के रिकॉर्ड को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं से जुड़ी बैठकों के मीटिंग रजिस्टर ही उपलब्ध नहीं हैं, जबकि प्रत्येक बैठक का विधिवत रिकॉर्ड संधारित किया जाना नियमों के तहत अनिवार्य है।
एमपी धमाका ने इस संबंध में पहले सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी थी। आवेदन के जवाब में जिला पंचायत के लोक सूचना अधिकारी ने पत्र क्रमांक 9238 दिनांक 03 दिसंबर 2025 के माध्यम से स्पष्ट रूप से जानकारी दी कि संबंधित बैठकों का कार्यवाही विवरण उपलब्ध नहीं है। इसके बाद जिला पंचायत के सीईओ के समक्ष प्रथम अपील भी प्रस्तुत की गई और मीटिंग रजिस्टर संधारित नहीं करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने 22 जनवरी 2026 को भोपाल संभाग के तत्कालीन कमिश्नर और संबंधित सागर सांसद को भी लिखित शिकायत भेजकर पूरे मामले की जांच एवं दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। शिकायत में कहा गया कि 6 जून 2025 को जिला पंचायत में निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक सहित कई बैठकों के रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं, जिससे सरकारी कार्यप्रणाली की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगते हैं।
शिकायत के साथ स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजे गए दस्तावेजों की रसीदें भी संलग्न की गईं। हालांकि, शिकायतकर्ता का आरोप है कि न तो सांसद कार्यालय से कोई उत्तर मिला और न ही कमिश्नर कार्यालय द्वारा किसी प्रकार की कार्रवाई की गई।
अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि सरकारी बैठकों का रिकॉर्ड ही उपलब्ध नहीं है, तो उन बैठकों में लिए गए निर्णयों, विकास कार्यों की समीक्षा और सरकारी धन के उपयोग की जवाबदेही कैसे तय होगी? ऐसे में प्रशासनिक पारदर्शिता और अभिलेख संधारण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शिकायतकर्ता ने शासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में सभी बैठकों का रिकॉर्ड नियमित रूप से संधारित करने के निर्देश जारी किए जाएं।