जिला न्यायालय विदिशा में मेगा स्वास्थ्य परीक्षण एवं जागरूकता शिविर आयोजित ..
325 न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता एवं कर्मचारियों की हुई स्वास्थ्य जांच ..
विदिशा, एमपी धमाका
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष शेख सलीम के कुशल मार्गदर्शन में आज शनिवार को जिला न्यायालय परिसर विदिशा में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं न्यायालयीन कर्मचारियों के लिए मेगा स्वास्थ्य परीक्षण एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य न्यायिक परिवार के सदस्यों को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की आवश्यकता के प्रति सजग बनाना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारीगण, चिकित्सक, न्यायालयीन कर्मचारी तथा जिला विधिक सहायता रक्षा प्रणाली (एल.ए.डी.सी.एस.) के अधिवक्ता उपस्थित रहे।
स्वस्थ रहना न्यायिक कार्य की गुणवत्ता के लिए भी आवश्यक -
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री शेख सलीम ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि न्यायिक कार्य अत्यंत जिम्मेदारी एवं मानसिक एकाग्रता वाला कार्य है। ऐसी स्थिति में न्यायिक दायित्वों के निर्वहन के साथ-साथ शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी आवश्यक है। उन्होंने स्वास्थ्य शिविर को न्यायिक परिवार के लिए उपयोगी पहल बताते हुए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, संतुलित खान-पान, व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विदिशा के सचिव एवं व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड श्री नितेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि “स्वस्थ न्यायिक परिवार, सशक्त न्याय व्यवस्था” की भावना के साथ आयोजित इस शिविर का उद्देश्य न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं न्यायिक कर्मचारियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना है। उन्होंने बताया कि शिविर की तैयारियां कई दिन पूर्व से प्रारंभ कर दी गई थीं। 18 एवं 19 अगस्त को जिला न्यायालय परिसर में विशेष स्वास्थ्य जांच कैम्प आयोजित किए गए, जिसमें लगभग 325 न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं न्यायिक कर्मचारियों के रक्त नमूने लिए गए। इन नमूनों की LFT, Renal Profile, Lipid Profile, CBC एवं Blood Sugar सहित आवश्यक जांच की गई। साथ ही संबंधित व्यक्तियों की ABHA ID भी बनाई गई।
गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान पर दिया जोर -
अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय विदिशा के चिकित्सा अधीक्षक तथा शासकीय जिला चिकित्सालय विदिशा के सिविल सर्जन-सह-अधीक्षक ने स्वास्थ्य परीक्षण शिविर की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नियमित स्वास्थ्य जांच के माध्यम से कई गंभीर बीमारियों की प्रारंभिक अवस्था में पहचान की जा सकती है, जिससे समय पर उपचार शुरू कर स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं को कम किया जा सकता है।
महिलाओं के स्वास्थ्य और कैंसर की शुरुआती पहचान पर जागरूकता-
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आरती शर्मा ने “Cervical Cancer and Breast Cancer—Early Diagnosis” विषय पर जानकारी देते हुए महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल एवं ब्रेस्ट कैंसर के प्रारंभिक लक्षणों, समय पर जांच तथा उपचार के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी किया जागरूक -
मनोचिकित्सक डॉ. रवि सिंह सेंगर ने न्यायाधीशों एवं अधिवक्ताओं के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रकाश डालते हुए कार्यस्थल के तनाव को नियंत्रित करने, मानसिक संतुलन बनाए रखने और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह लेने के संबंध में उपयोगी जानकारी दी। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को समग्र स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए समय रहते समस्याओं को पहचानने और उचित परामर्श लेने की आवश्यकता बताई। मेडिकल कॉलेज के डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव ने न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अधिवक्ताओं के लिए आदर्श दिनचर्या, संतुलित खान-पान, नियमित व्यायाम और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण के संबंध में उपयोगी सुझाव दिए।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने किया स्वास्थ्य परीक्षण -
कार्यक्रम के पश्चात मेडिकल कॉलेज विदिशा एवं जिला चिकित्सालय विदिशा से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों के दल द्वारा न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं न्यायिक कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। चिकित्सकों ने विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी जांचों के साथ आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं सुझाव भी प्रदान किए। स्वास्थ्य परीक्षण में डॉ. प्रदीप गुप्ता, डॉ. विकास जैन, डॉ. रवि सिंह सेंगर, डॉ. गरिमा पन्द्रे एवं डॉ. अदिति शर्मा सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सहभागिता की। मेगा स्वास्थ्य परीक्षण एवं जागरूकता शिविर के माध्यम से न्यायिक परिवार के सदस्यों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, नियमित जांच कराने तथा शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहने का संदेश दिया गया। शिविर ने “स्वस्थ न्यायिक परिवार, सशक्त न्याय व्यवस्था” की भावना को साकार करते हुए स्वास्थ्य जागरूकता और समय पर स्वास्थ्य परीक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण एवं सार्थक पहल प्रस्तुत की।