विदिशा लोनिवि इलेक्ट्रिकल्स एंड मेकेनिकल का कार्यालय बदहाल, जर्जर भवन की तस्वीरें खोल रही व्यवस्था की पोल
विदिशा। सरकारी भवनों और सड़कों पर विद्युत व्यवस्था दुरुस्त करने तथा रोशनी की व्यवस्था संभालने वाले लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) इलेक्ट्रिकल्स एंड मेकेनिकल के विदिशा स्थित कार्यालय की तस्वीरें ही अब विभागीय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं।
सामने आई तस्वीर में कार्यालय भवन की हालत बेहद खराब नजर आ रही है। दीवारों पर जगह-जगह सीलन और काई, उखड़ा हुआ प्लास्टर, छत और दीवारों पर उगी घास-झाड़ियां तथा लंबे समय से रखरखाव के अभाव के संकेत साफ दिखाई दे रहे हैं। भवन का बाहरी हिस्सा भी उपेक्षित नजर आता है।
दूसरों के भवन रोशन, अपना कार्यालय बदहाल!
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस विभाग की जिम्मेदारी सरकारी भवनों और अन्य स्थानों पर विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था से जुड़ी है, उसी विभाग का अपना कार्यालय रखरखाव के लिए तरसता क्यों दिखाई दे रहा है?
क्या विभागीय अधिकारियों की नजर इस भवन की हालत पर नहीं पड़ती?
क्या सरकारी कार्यालयों के रखरखाव के लिए जिम्मेदार व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित है?
और यदि भवन की मरम्मत की आवश्यकता है तो अब तक इसकी सुध क्यों नहीं ली गई?
जनता के पैसों से चलने वाले कार्यालयों की यह हालत क्यों?
सरकारी कार्यालय जनता के पैसे से संचालित होते हैं। ऐसे में कार्यालय भवनों का सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित होना जरूरी है। तस्वीर में दिखाई दे रही स्थिति रखरखाव व्यवस्था और विभागीय निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
विडिशा के जिम्मेदार अधिकारियों को इस कार्यालय की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि भवन के रखरखाव के लिए क्या कार्रवाई की गई है और यदि मरम्मत प्रस्तावित है तो उसकी वर्तमान स्थिति क्या है।
एमपी धमाका का सवाल:
“जो विभाग दूसरों के भवनों में रोशनी करता है, उसके अपने दफ्तर की बदहाली कब दूर होगी?”