विदिशा, एमपी धमाका
आगामी नवरात्रि पर्व को लेकर शहर में आयोजित होने वाले गरबा कार्यक्रमों को लेकर हिंदू संगठनों ने प्रशासन के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। समस्त हिंदू संगठन, विदिशा की ओर से जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर सार्वजनिक एवं निजी गार्डनों में व्यावसायिक रूप से आयोजित होने वाले गरबा कार्यक्रमों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि गरबा हमारी सनातन संस्कृति में देवी आराधना का पवित्र और पारंपरिक माध्यम है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसके स्वरूप में बदलाव देखने को मिल रहा है। संगठन ने प्रशासन से धार्मिक भावनाओं और सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गरबा आयोजनों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
व्यावसायीकरण पर रोक की मांग
ज्ञापन में कहा गया है कि देवी आराधना एवं धर्म की आड़ में गरबा का व्यावसायीकरण, स्पॉन्सरशिप और टिकट/पास आधारित व्यावसायिक आयोजन पूरी तरह बंद किए जाएं। संगठन ने विशेष रूप से शहर के सभी निजी एवं सार्वजनिक गार्डनों में व्यावसायिक गरबा आयोजनों पर रोक लगाने की मांग की है।
गार्डनों में बढ़ती घटनाओं पर जताई चिंता
संगठन ने गरबा कार्यक्रमों के दौरान बढ़ती लव-जिहाद जैसी घटनाओं को लेकर भी चिंता जताई है। ज्ञापन में आयोजनों में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के आईडी कार्ड के अनिवार्य सत्यापन, पर्याप्त निगरानी और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
धार्मिक मर्यादा और आचार-संहिता हो लागू
ज्ञापन में कहा गया है कि गरबा आयोजन माता रानी के पंडालों में धार्मिक मर्यादा, शालीनता और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुरूप ही हों। प्रत्येक आयोजन के लिए स्पष्ट प्रवेश नियम और आचार-संहिता लागू करने की मांग की गई है।
साथ ही किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि, असामाजिक तत्वों की मौजूदगी अथवा अनुचित व्यवहार की शिकायत मिलने पर प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच कर तत्काल सख्त वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है।
पारंपरिक आयोजनों को संरक्षण मिले
संगठन ने कहा कि बड़े व्यावसायिक गार्डन आयोजनों के कारण मोहल्लों, कॉलोनियों और शहर के छोटे पारंपरिक धार्मिक आयोजनों की रौनक प्रभावित नहीं होनी चाहिए। प्रशासन से ऐसे पारंपरिक आयोजनों के संरक्षण की भी मांग की गई है।
ज्ञापन के अंत में संगठन ने स्पष्ट किया कि वह गरबा नृत्य या नवरात्रि उत्सव का विरोध नहीं करता, बल्कि गरबा की आड़ में होने वाली कथित गैरकानूनी गतिविधियों, धर्म के व्यावसायीकरण और धार्मिक मर्यादाओं के उल्लंघन का विरोध करता है। संगठन ने जिला प्रशासन से जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस संबंध में तत्काल प्रभावी एवं वैधानिक दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है।