कलेक्टर डॉ. भरसट की अध्यक्षता में गठित समिति की बैठक आयोजित, पारिस्थितिक संतुलन एवं प्रकृति आधारित पर्यटन पर विशेष जोर
आगामी 6 माह में तीन चरणों में विकास कार्यों की कार्ययोजना पर हुई चर्चा
झाबुआ, एमपी धमाका
कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट की अध्यक्षता में हाथीपावा को ग्रीन फील्ड टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने हेतु गठित समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में हाथीपावा के प्राकृतिक स्वरूप, जैव विविधता एवं पारिस्थितिक संतुलन को संरक्षित रखते हुए इसे पर्यावरण अनुकूल एवं प्रकृति आधारित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में कलेक्टर डॉ. भरसट ने हाथीपावा के विकास में पर्यावरणीय संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, हरित आवरण एवं पारिस्थितिक विशेषताओं का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। पर्यटन विकास का उद्देश्य व्यावसायीकरण के बजाय प्रकृति संरक्षण, पर्यावरणीय जागरूकता एवं आमजन को प्राकृतिक परिवेश से जोड़ना होना चाहिए।
छह सेक्टरों में पर्यावरण अनुकूल विकास की कार्ययोजना पर चर्चा
बैठक में हाथीपावा को छह प्रमुख सेक्टरों में विकसित करने की अवधारणा पर चर्चा की गई। इसके अंतर्गत प्रवेश एवं आगंतुक क्षेत्र में सांस्कृतिक एवं पारिस्थितिक व्याख्या केंद्र (कल्चरल एंड इकोलॉजिकल इंटरप्रिटेशन सेंटर) विकसित करने, नेचुरल ट्रेल एवं रिक्रिएशन सेक्टर, एडवेंचर एक्टिविटी सेक्टर, कैम्पिंग एवं वेलनेस सेक्टर तथा कॉन्फ्रेंस एवं एजुकेशन सेक्टर के रूप में विभिन्न गतिविधियों को विकसित करने पर विचार-विमर्श किया गया।
इन गतिविधियों के माध्यम से पर्यटकों को स्थानीय जैव विविधता, प्राकृतिक संसाधनों, पर्यावरण संरक्षण एवं क्षेत्र की सांस्कृतिक विशेषताओं से परिचित कराने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही प्रस्तावित गतिविधियों को इस प्रकार विकसित करने पर चर्चा की गई, जिससे प्राकृतिक परिवेश पर न्यूनतम प्रभाव पड़े तथा क्षेत्र की पारिस्थितिक संवेदनशीलता बनी रहे।
बैठक में प्रस्तावित विकास कार्यों को आगामी छह माह में तीन चरणों में क्रियान्वित किए जाने की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। इस संबंध में समिति के सदस्यों से सुझाव एवं विचार प्राप्त किए गए।
जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त निरीक्षण एवं कार्ययोजना बनाने के निर्देश
कलेक्टर डॉ. भरसट ने हाथीपावा क्षेत्र में जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं नगरपालिका को संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण करने तथा आवश्यकताओं के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में हाथीपावा को एक ऐसे पर्यावरण अनुकूल पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया, जहां प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन एवं पर्यावरणीय शिक्षा पर्यटन गतिविधियों के केंद्र में रहें।
बैठक में पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पाटीदार, वनमंडलाधिकारी भरत सोलंकी, वनमण्डलाधिकारी सामाजिक वानिकी वृत झाबुआ हिमांशु त्यागी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जितेन्द्र सिंह चौहान, सहायक कलेक्टर सुश्री आयुषी बंसल एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।