संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन विदिशा के सहयोग से आयोजन
विदिशा, एमपी धमाका
मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन विदिशा के सहयोग से विदिशा जिले के लटेरी स्थित मेला ग्राउंड में पांच दिवसीय श्रीरामलीला उत्सव का आयोजन किया गया। उत्सव में श्रीरामकथा के विभिन्न प्रसंगों पर आधारित लीला प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और मर्यादा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। प्रतिदिन आयोजित कार्यक्रम में पारंपरिक श्रीरामलीला मंचन के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं, लोक आस्था और रामकथा के आदर्शों को जनसामान्य तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। आम नागरिकों के लिए कार्यक्रम में प्रवेश निःशुल्क रखा गया था।
श्रीरामलीला उत्सव का उद्देश्य भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन प्रसंगों के माध्यम से समाज में नैतिक मूल्यों, पारिवारिक दायित्वों, सामाजिक समरसता, त्याग, सेवा और कर्तव्यपालन की भावना को प्रोत्साहित करना रहा। रामकथा के विविध प्रसंगों ने भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा और जनमानस में भगवान श्रीराम के प्रति गहरी आस्था को अभिव्यक्त किया।
चित्रकूट के लीला गुरुकुल संस्थान ने की विशेष प्रस्तुति की परिकल्पना -
श्रीरामलीला उत्सव के अंतर्गत लीला गुरुकुल संस्थान, चित्रकूट द्वारा विशेष रूप से परिकल्पित प्रस्तुति दी गई। इसके आलेख का दायित्व रीवा के योगेश त्रिपाठी ने संभाला, जबकि संगीत संयोजन पटना के श्री सीताराम सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम का निर्देशन भोपाल के रामचंद्र सिंह ने किया। प्रसिद्ध भक्ति गायक अनूप जलोटा ने भी श्रीरामलीला में गायन प्रस्तुत कर आयोजन को भक्तिमय स्वरूप प्रदान किया।
कलाकारों की प्रस्तुतियों, संगीत और मंचन के माध्यम से रामकथा के प्रमुख प्रसंगों को क्रमबद्ध रूप से प्रस्तुत किया गया। उत्सव में भगवान श्रीराम के जन्म से लेकर उनके राज्याभिषेक तक की यात्रा को दर्शाया गया, जिसमें धर्म, सत्य, न्याय, त्याग और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश प्रमुख रहा।
पांच दिनों में रामकथा के प्रमुख प्रसंगों का मंचन -
उत्सव के पहले दिन तीन अक्टूबर को शंकर विवाह, श्रीराम जन्म, ताड़का वध एवं अहल्या उद्धार के प्रसंगों की प्रस्तुति दी गई। इन प्रसंगों के माध्यम से भगवान श्रीराम के दिव्य स्वरूप, धर्म की स्थापना और पीड़ितों के उद्धार का संदेश प्रस्तुत किया गया। चार अक्टूबर को धनुष यज्ञ, श्रीराम विवाह, वनगमन एवं केवट प्रसंग का मंचन किया गया। इन प्रस्तुतियों में भगवान श्रीराम के शौर्य, वैवाहिक आदर्शों, पिता के वचन की मर्यादा और भक्त के प्रति उनके स्नेह को दर्शाया गया।
पांच अक्टूबर को दशरथ-देवलोक गमन, भरत मिलाप एवं सीता हरण के प्रसंग प्रस्तुत किए गए। इन प्रसंगों के माध्यम से पारिवारिक प्रेम, भ्रातृभाव, त्याग और विपरीत परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने के संदेश को अभिव्यक्त किया गया। छः अक्टूबर को शबरी प्रसंग, श्रीराम-सुग्रीव मैत्री एवं लंका दहन की लीलाओं का मंचन हुआ। इन प्रस्तुतियों में भक्ति, मित्रता, सहयोग और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की भावना को प्रमुखता से दर्शाया गया।
उत्सव के अंतिम दिन सात अक्टूबर को लंका युद्ध, रावण वध एवं श्रीराम राज्याभिषेक के प्रसंगों का मंचन किया गया। इन प्रसंगों के माध्यम से अधर्म पर धर्म की विजय, न्याय की स्थापना और आदर्श शासन व्यवस्था की अवधारणा को प्रस्तुत किया गया।
भारतीय संस्कृति और लोक आस्था को प्रोत्साहित करने की पहल -
श्रीरामलीला उत्सव भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा, त्याग, सेवा, करुणा और कर्तव्यपालन की प्रेरणा देता है। पारंपरिक लीला मंचन के माध्यम से इन मूल्यों को जनसामान्य तक पहुंचाने के साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन का प्रयास किया गया।
मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन विदिशा के सहयोग से आयोजित इस पांच दिवसीय उत्सव ने रामकथा के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक चेतना, धार्मिक आस्था और नैतिक मूल्यों को रेखांकित किया।
श्रीरामलीला उत्सव में विधायक उमाकांत शर्मा ने की आयोजन की सराहना -
मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन विदिशा के सहयोग से विदिशा जिले के लटेरी स्थित मेला ग्राउंड में आयोजित पांच दिवसीय श्रीरामलीला उत्सव में सिरोंज विधायक उमाकांत शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की। अपने उद्बोधन में विधायक श्री शर्मा ने कहा कि श्रीरामलीला जैसे सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन पूरे देश में आयोजित किए जा रहे हैं, जो भारतीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने इसे प्रदेश एवं देश के लिए गौरव का विषय बताया। विधायक श्री शर्मा ने ऐसे आयोजनों के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी तथा संस्कृति मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विधायक श्री शर्मा ने संस्कृति विभाग विभाग, संस्कृति सभा एवं श्रीरामलीला का मंचन करने वाले सभी कलाकारों के प्रति साधुवाद व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि कलाकार अपनी प्रस्तुति के माध्यम से भारतीय संस्कृति, आदर्शों और मर्यादाओं को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।