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मोदी के मिशन को झटका.. अधिकारी से लेकर विधायक तक 7 साल बाद भी शुरु नहीं करा सके सामुदायिक स्वच्छता परिसर..!



विदिशा, एमपी धमाका 

जिला मुख्यालय से सटी ग्राम पंचायत करैया हवेली में जिला पंचायत सीईओ, जनपद पंचायत सीईओ से लेकर विधायक तक 7 साल बाद भी 
सामुदायिक स्वच्छता परिसर चालू नहीं करा सके हैं।
खुले में शौच की प्रथा को समाप्त करने और ग्रामीणों को साफ सफाई के प्रति जागरूक करने के लिए केंद्र सरकार ने 2014 में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना लागू की थी, कई स्थानों पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की उदासीनता व भ्रष्टाचार के चलते निर्माण कार्य पूरे नहीं हो सके हैं। आलम है कि विदिशा शहर से सटे ग्राम पंचायत करैया हवेली के रंगई ग्राम में स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वीकृत सामुदायिक स्वच्छता परिसर 7 साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब जनपद पंचायत मुख्यालय से सटी ग्राम पंचायत पर जिला और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का ध्यान नहीं है तो दूरस्थ पंचायतों के क्या हाल होंगे?

ग्राम पंचायत करैया हवेली के रंगई गांव में सामुदायिक स्वच्छता परिसर निर्माण के लिए जनपद पंचायत ने 7 साल पहले 3 लाख 44 हजार का बजट मंजूर किया था, लेकिन पानी की टंकी और नल कनेक्शन आज तक न किए जाने से स्वच्छता परिसर में ताला लगा हुआ है। जिसके कारण केंद्र सरकार की योजना पर पानी फिर गया है।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)
भारत सरकार द्वारा 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की शुरुआत की गई थी, जो एक प्रमुख राष्ट्रीय अभियान है। इसका उद्देश्य भारत को स्वच्छ, स्वस्थ और खुले में शौच से मुक्त बनाना था। मध्यप्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से लागू किया गया, जहां खुले में शौच की प्रथा को समाप्त करने और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फ़ैलाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाये जाने के प्रयास किए गए। लेकिन विदिशा में स्वच्छ भारत मिशन योजना अधिकारियों की उदासीनता तथा कर्मचारियों की लापरवाही से भ्रष्टाचार की चपेट में आने से असफल हो गई है।

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