एमपी धमाका
प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने भरत तिवारी मामले पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे बेहद चिंताजनक घटना बताया है। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी गरीब, पिछड़े और शोषित वर्ग के लोगों, विशेषकर माँझी, पासवान एवं अन्य वंचित समाज के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष कर रहा था।
देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि बाढ़ प्रभावित और विस्थापित परिवार जिन कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन करने को मजबूर हैं, भरत तिवारी उन्हीं लोगों की आवाज़ बनकर उनके हक़ की लड़ाई लड़ रहा था। उन्होंने दावा किया कि समाज सेवा के संकल्प को लेकर भरत तिवारी ने वर्षों पहले अपना पिंडदान तक कर दिया था।
उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि अधिकारी और नेता स्वयं उन परिस्थितियों में एक माह भी रहकर नहीं दिखा सकते, तो उन्हें गरीबों और विस्थापितों की पीड़ा को समझना चाहिए।
कथावाचक ने पुलिस कार्रवाई पर भी गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि किसी भी कार्रवाई के बाद एक माँ अपने बेटे को वापस नहीं पा सकती। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता बताई।
भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और मामले को लेकर बहस तेज होती जा रही है।