विदिशा, एमपी धमाका
विदिशा जिले में कथित फर्जी डॉक्टर और अवैध क्लिनिक संचालन के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने मामले को मानवाधिकार उल्लंघन मानते हुए विदिशा कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा आयुष आयुक्त भोपाल को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
यह कार्रवाई एमपी धमाका के संपादक दीपक तिवारी द्वारा की गई शिकायत पर की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जिला आयुष अधिकारी द्वारा एक कथित फर्जी चिकित्सक शेर सिंह पहाड़ी और सुंदरलाल जैन मेडिकल स्टोर संचालकों को संरक्षण दिया जा रहा है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि मध्यप्रदेश आयुर्वेदिक बोर्ड ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की थी कि संबंधित व्यक्ति पंजीकृत चिकित्सक नहीं है। इसके बावजूद जिला आयुष अधिकारी द्वारा 26 दिसंबर 2024 को जारी आदेश में आरोपियों को क्लीन चिट दे दी गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि गलत उपचार के कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हुईं तथा एक युवक की मृत्यु तक हो गई।
मामले की सुनवाई के दौरान NHRC के माननीय सदस्य श्री प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला मानवाधिकारों के उल्लंघन का प्रतीत होता है। आयोग ने संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले से संबंधित रिपोर्ट HRCNet पोर्टल के माध्यम से ही भेजी जाए तथा उसकी प्रति आयोग की ईमेल आईडी bench-mpk@gov.in पर भी उपलब्ध कराई जाए।
इस कार्रवाई के बाद जिले के स्वास्थ्य और आयुष विभाग में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है।