पोषण ट्रैकर और स्वनिधि योजनाओं की धीमी रफ्तार पर कमिश्नर अनिल सुचारी नाराज
लापरवाह सुपरवाइजरों का वेतन रोकने, हितग्राही मूलक योजनाओं में प्रगति लाने और निर्माण कार्यों में तेजी के दिए निर्देश
सागर, एमपी धमाका
सागर संभाग कमिश्नर अनिल सुचारी की अध्यक्षता में नगरीय प्रशासन एवं विकास, महिला एवं बाल विकास तथा श्रम विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में कमिश्नर ने विभिन्न जनहितैषी योजनाओं एवं विकास कार्यों की जिलेवार प्रगति की सघन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के कड़े निर्देश जारी किए।
कमिश्नर श्री सुचारी ने संभाग के अंतर्गत निर्माणाधीन सीवर और वाटर सप्लाई परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। विशेष रूप से दमोह में सीवरेज और वाटर बॉडी (जल संरचनाओं) के कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए उन्होंने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संभागीय अधिकारी को निविदा (टेंडर) प्रक्रिया शीघ्रता से पूर्ण कर मैदानी स्तर पर काम तेज करने के लिए पाबंद किया। उन्होंने नगरीय निकायों द्वारा तालाबों के जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण एवं गहरीकरण कार्यों की जिलेवार स्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रगतिरत शेष कार्यों को तत्काल पूर्ण करने तथा 'प्रधानमंत्री आवास 2.0 योजना' के तहत स्वीकृत नवीन कार्यों की जियो-टैगिंग सहित अन्य तकनीकी औपचारिकताओं को अविलंब पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की प्रगति की समीक्षा के दौरान दमोह और पन्ना जिलों में लक्ष्य के विरुद्ध कम प्रदर्शन और प्रकरणों के लंबित रहने पर कमिश्नर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि सभी जिले प्रकरणों के निराकरण का प्रतिशत अनिवार्य रूप से बढ़ाएं। इसके साथ ही उन्होंने 'स्वनिधि से समृद्धि' अभियान, जिला मुख्यालयों पर एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) केंद्रों की स्थापना तथा श्वान आश्रय स्थलों (डॉग शेल्टर्स) के संचालन की जिलेवार प्रगति की भी समीक्षा की।
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने पोषण ट्रैकर ऐप पर बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पंजीयन की धीमी गति पर असंतोष जताया, जिसमें विशेष रूप से पन्ना, निवाड़ी और सागर जिलों की स्थिति असंतोषजनक पाई गई। उन्होंने संयुक्त संचालक, महिला एवं बाल विकास को निर्देशित किया कि गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के शत-प्रतिशत पंजीयन की स्थिति में तत्काल सुधार लाया जाए। लाड़ली लक्ष्मी योजना की लचर प्रगति पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने संबंधित सुपरवाइजरों का वेतन रोकने के निर्देश जारी किए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कुपोषित बच्चों (MAM एवं SAM) की सेहत में सुधार लाने, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री बाल आरोग्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिलेवार आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
श्रम विभाग की समीक्षा के अंतर्गत कमिश्नर ने अनुग्रह सहायता योजना, ई-श्रम कार्ड और प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना की प्रगति को परखा और पात्र श्रमिकों को समय पर लाभान्वित करने को कहा। बैठक में नगर तथा ग्राम निवेश (TNCP) द्वारा संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की भी समीक्षा की गई। इस उच्च स्तरीय संभाग स्तरीय बैठक में सहायक श्रम आयुक्त सागर संभाग, संयुक्त संचालक महिला एवं बाल विकास तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संभागीय अधिकारियों सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अमला उपस्थित रहा।